हरदोई। योजनाओं को तैयार करते समय हर वर्ग व क्षेत्र की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। ताकि एक बेहतर नियोजन तैयार किया जा सके। जिला पंचायत अध्यक्ष ने विकेंद्रीकृत नियोजन, परिवर्तन प्रबंधन व नेतृत्व विकास कार्यशाला में कोर ग्रुप के सदस्यों से उक्त बात मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में कही।
कार्यशाला में अफसरों को समूहों में बांट कर भी नियोजन से संबंधित बिंदुओं पर विचार भी कराया गया। संयुक्त अभिसरण कार्यक्रम के अंतर्गत विकेंद्रीकृत नियोजन, परिवर्तन प्रबंधन व नेतृत्व विकास कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत में किया गया। कार्यशाला की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। उन्होंने योजना को तैयार करने और नियोजन कैसे तैयार करें इसमें गांव की जरूरतें ब्लाक स्तर पर शामिल करने और ब्लाक की जरूरतों को जिला योजना पर भी शामिल करने के बारे में बताया।
ताकि योजनाओं पर बेहतर ढंग से काम हो सके। कहा कि विकास के दौर में किस प्रकार समन्वय के साथ हम जुड़े रहे व यह सुनिश्चित करें कि कैसे विकास की योजनाओं में समाज के सभी वर्गों को समाहित किया जा सके। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत एसके कुसुमवाल ने कहा कि परिवर्तन प्रबंधन की प्रक्रिया चल रही है। यूएनडीपी से आए डा. नागेंद्र सिंह ने कहा कि संसाधन तो सीमित हैं, पर जरूरतें असीमित हैं, ऐसी स्थिति में बेहतर नियोजन से ही विकास की गति को बढ़ावा जा सकता है। प्रशिक्षक ममता चौहान ने कहा कि विकेंद्रीकरण में भागीदारी मानसिक स्तर से करनी चाहिए। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद अफसरों व जिला पंचायत के सदस्यों को समूहों में विभाजित कर नियोजन पर चरचा करने के बिंदु दिए। कार्यशाला में डीएसटीओ एसके सिंह, डीओ पीआरडी आरए सैनी, जिला क्रीड़ाधिकारी अनिमेष सक्सेना, सहायक संख्याधिकारी आदित्य त्रिवेदी, जिला समन्वयक स्वच्छता कार्यक्रम, बीडीओ अहिरोरी, जिला पंचायत सदस्य व प्रधान तथा यूएनडीपी अखिलेश दीक्षित, योगेंद्र शुक्ला व विवेक अवस्थी आदि मौजूद थे।