हरदोई। जिले में सरकारी समर्थन मूल्य पर किसानों से गेहूं खरीदने को खोले गए क्रय केंद्रों पर दबंगों एवं बिचौलियों का राज है, जिससे आम किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिना चढ़ावा चढ़ाए क्रय केंद्रों पर गेहूं को बेचना संभव नहीं है।
अनियमितताओं के मकड़जाल में फंस कर क्रय केंद्रों पर मनमानी हो रही है। प्रशासन की कोशिशों के बाद भी व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं और किसानों को औने पौने दामों पर इधर उधर गेहूं बेचना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है कि जिन किसानों के नाम से क्रय केंद्रों से भुगतान की चेकें दी गई हैं, अगर उनका तथा उनकी कृषि भूमि के रकवे का सत्यापन कराया जाए, तो पूरे मामले की पोल खुल सकती है। ज्ञात हो कि सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 1285 रुपए प्रति कुंतल घोषित किया गया था, जिसका लाभ किसानों को देने को अप्रैल माह में यहां करीब 91 क्रय केंद्र खोले गए थे। खरीद लक्ष्य 1 लाख 3 हजार एमटी के सापेक्ष अब तक 44 हजार एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है।
खरीद में किसानों को कितना लाभ मिला, इसका इसी बात से पता चल सकता है कि केंद्रों पर पूरी तरह से बिचौलिए एवं दबंग हावी हैं। किसानों को बिना चढ़ावा चढ़ाए गेहूं बेचना सपना है। 70 से 85 रुपए प्रति कुंतल का चढ़ावा चढ़ाने के बाद ही किसानों का गेहूं तौला जाता है। अधिकांश क्रय केंद्र बिचौलियों के लिए लाभ कमाने का जरिया बने हुए हैं। बिचौलियों के किसानों से खुले बाजार में कम कीमतों पर गेहूं खरीदने के बाद उसे केंद्रों पर अलग-अलग नामों से बेंच देते हैं। इसके अलावा जो किसान चढ़ावा देने को तैयार हो जाते हैं, उनकी गेहूं की तौल से चढ़ावे की रकम के बराबर को गेहूं कम कर दिया जाता है। बिचौलियों द्वारा अलग नाम से भुगतान लिया जा रहा है। उधर, एडीएम राकेश मिश्रा ने कहा कि डीएम ने सभी तहसीलदारों ,एसडीएम, बीडीओ को क्रय केंद्रों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं और निरीक्षण चल रहे हैं। कहीं कोई गड़बड़ी मिली तो केंद्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।