हरपालपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक ही रात प्रसव के दौरान तीन शिशुओं की मौत हो गई। इससे सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। जननी सुरक्षा योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी इन शिशुओं की की मौत ने महकमे को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
शुक्रवार की रात क्षेत्र के बढै़यनपुरवा गांव निवासी सरला, चाऊपुर निवासी रीता पत्नी रघुराज व दयालपुर की एक प्रसूता समेत छह महिलाओें को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। इनमें उपरोक्त तीन प्रसूताओं के शिशुओं की प्रसव के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने मामले की भनक किसी को न लगे इसके लिए रात में ही तीन प्रसूताओं की छुट्टी कर घर भेज दिया।
एक ही रात में तीन प्रसूताओं के नवजात शिशुओं की मौत से स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ पैर फू ल गए। स्वास्थ्य कर्मी मामले को दबाने में जुट गए। सरकार की मंशा है कि नवजात की मृत्युदर में कमी आए, पर विभागीय लापरवाही से शिशुओं की मौत रुक नहीं पा रही है। चिकित्सा अधिकारी डा. नीरज कुमार ने बताया कि एक चार माह तथा दूसरी छह माह की गर्भवती महिला थी। कमजोरी से और आशा बहुओे की लापरवाही से नवजात शिशुओं की मौत हुई है।