हरदोई। हेल्थ वर्कर पुरुष के पदों पर नियमित रूप से प्रशिक्षण व नियुक्तियां कराने एवं नियमित नियुक्ति होने तक एमपीडब्ल्यू के पद पर प्रत्यावेदक हेल्थ वर्करों को इसी तरह कार्य करते रहने देने की अनुमति प्रदान करने की मांग को लेकर एमपीडब्ल्यू पुरुष संविदा कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मियों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन करते हुए संघर्ष समिति के जनपदीय शाखा के अध्यक्ष शिवम सिंह ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 20521 पुरुष हेल्थ वर्करों की जरूरत है, जिसके सापेक्ष मात्र 1729 पुरुष हेल्थ वर्कर कार्यरत हैं एवं 18792 पुरुष वर्कर के पद रिक्त हैं। उन्हाेंने कहा कि पुरुष हेल्थ वर्करों का प्रदेश में इंसेफलाइटिस, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के साथ वायरल फीवर इत्यादि रोगों के रोकथाम में मुख्य योगदान रहता है। वर्तमान में उक्त बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि होने से भी हेल्थ वर्कर पुरुषों की तैनाती जरूरी हो गई है, जैसा कि शासन की वर्तमान नीति है।
उपाध्यक्ष प्रशांत पांडे ने कहा कि वर्ष 10 के बाद हेल्थ वर्कर पुरुष के पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं की गई हैं, जबकि जरूरत के अनुसार हेल्थ वर्करों की जरूरत है, पर प्रत्यावेदक शैक्षिक योग्यता रखते हुए भी संविदा के आधार पर कार्यरत हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि एमपीडब्ल्यू पुरुष तथा हेल्थ वर्कर पुरुष के कार्य एवं दायित्व समान हैं, जिससे प्रत्यावेदक हेल्थ वर्कर पुरुष के पद पर प्रशिक्षण नियुक्ति के लिए वरीयता पाने के हकदार है। इस दौरान एमपीडब्ल्यू पुरुषों ने जमकर नारेबाजी की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट शिव शंकर गुप्ता को सौंपकर मांगों पर अमल कराए जाने की मांग की।
ज्ञापन में हेल्थ वर्कर पुरुष के पदों पर नियमित प्रशिक्षण व नियुक्तियां कराने एवं नियुक्ति होने तक प्रत्यावेदकों को यथास्थिति में निरंतर कार्य करने की मांग की। इस मौके पर रामप्रताप सिंह यादव, रोहित सिंह, आदर्श तिवारी, रनवीर यादव, अमित पटेल और विजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।