हरदोई। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना से चयनित गांवों के मजरों में विद्युतीकरण का काम अब तेजी पकड़ सकता है। समग्र ग्राम के मजरों में आबादी को लेकर विद्युतीकरण कार्य रुका हुआ था, जिसे अब शासन ने संशोधित कर दिया है। अब मजरों का भी विद्युुतीकरण होगा। जिसके बाद अब पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक ने डीएम को शासनादेश भेजकर नए संशोधन से काम कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओें में शामिल डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना से विद्युतीकरण कार्य कराया जाना है। जिले में समग्र ग्राम विकास योजना से वित्तीय वर्ष 12-13 में 30 और वित्तीय वर्ष 13-14 में 41 गांवों का चयन किया गया। दोनों वित्तीय वर्ष के 71 समग्र ग्रामों में कुल 183 मजरें हैं, जिनमें सभी विभागों से कार्य कराया जाना है और विद्युत विभाग द्वारा भी विद्युतीकरण का कार्य होना है। शासन ने विद्युतीकरण कराने के निर्देश दे दिए, पर शासनादेशों में समग्र ग्रामों के मजरों में से उन्हीं मजरों का विद्युतीकरण करने का आदेश दिया गया जिनकी आबादी 500 से ज्यादा थी।
जबकि, चयनित समग्र ग्रामों के मजरों में से 124 मजरें ऐसे थे, जिनकी आबादी 300 तक थी, जिस कारण से विद्युतीकरण की कार्यदायी संस्थाओं द्वारा समग्र ग्रामों के 300 तक आबादी वाले मजरों में विद्युतीकरण नहीं कराया जा रहा था। यही वजह है कि वित्तीय वर्ष 12-13 के 30 समग्र ग्रामों के 86 मजरों में से 17 मजरों में तथा वर्ष 13-14 के 41 समग्र ग्रामों के 97 मजरों में से 23 में ही काम हो सका था, जबकि अन्य मजरों में विद्युतीकरण कार्य नहीं हो सका, पर अब शासनादेशों में संशोधन कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार आरजीजीवीआई के द्वितीय चरण में विद्युतीकरण में 2001 की जनगणना के अनुसार 300 से ज्यादा आबादी वाले मजरों मेें विद्युतीकरण कराने का आदेश दिया गया।
इसको लेकर ही पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा ने डीएम को शासनादेश का पत्र भेजा है, जिस पर डीएम ने संबंधित अफसरों को विद्युतीकरण कार्य कराने के निर्देश दे दिए हैं।