हरदोई। ग्रामीण क्षेत्र में विकास को शासन की तमाम योजनाओं का संचालन किया गया, पर गांवों में हो रहे अवैध कब्जों से योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना में गांव भीठामहासिंह का चयन हुआ, जिसमें पंचायत भवन बनना प्रस्तावित है, पर अवैध कब्जे से निर्माण कार्य अधर में लटका है।
शासन ने गांवों में विकास करने को डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना का संचालन किया है। जिसके अंतर्गत गांव में विकास कार्य कराए जाने हैं, पर अवैध कब्जे और जिम्मेदारों के प्रति बरती जा रही लापरवाही से शासन की मंशा पूरी नहीं हो पा रही। ऐसा ही मामला तहसील सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भीठामहासिंह का है। ज्ञात हो कि गांव का चयन डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना में हुआ है। जिसको लेकर गांव में विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं, जबकि गांव में एक पंचायत भवन भी बनाया जाना ह, पर पंचायत भवन की जमीन पर अवैध कब्जा होने से काम शुरू नहीं हुआ है।
बताया गया कि ग्राम सभा की गाटा संख्या 313 पर गांव के तीन लोगों ने आवास बनाकर कब्जा कर लिया। इस मामले में ग्राम समाज की ओर से तहसीलदार के यहां वाद दायर किया गया। जिस पर सुनवाई के बाद तहसीलदार ने अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए, पर लेखपाल की मनमानी से कब्जा हटाया नहीं गया है। ऐसे में विकास कार्य में रोड़ा लगा हुआ है। हालांकि न्यायिक तहसीलदार सीपी श्रीवास्तव ने कब्जा हटवाकर विपक्षीगणों से क्षतिपूर्ति वसूलने के निर्देश दिए हैं।