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शासनादेश की अनदेखी पर किया नो वर्क, नो पे का ऐलान

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हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में लिपिकों के पटल परिवर्तन का मामला तूल पकड़ गया है। पांच लिपिकों ने नो वर्क नो पे की बात कहते हुए वेतन न लेने का एलान कर दिया है। इससे विभाग में खलबली मच गई है।


बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने लगभग एक माह पूर्व सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि तीन वर्ष से एक ही पटल पर तैनात लिपिकों का पटल बदल दिया जाए। इस पर बीएसए ने पटल परिवर्तन तो कर दिए, लेकिन चर्चा है कि अधिकतर लिपिकों को उनकी मर्जी का ही पटल दे दिया गया। इस फेरबदल की जद में आकर पांच लिपिक ऐसे हो गए जिनके पास कोई कार्य ही नहीं बचा। इससे लिपिकों में असंतोष व्याप्त है। अब इन पांच लिपिकों में प्रमोद शुक्ला, मनोज मिश्रा, सुधीर सिंह, अरुण सिंह और प्रेमप्रकाश शामिल हैं। अब इन सबने नो वर्क, नो पे का ऐलान कर दिया है। इससे विभाग में खलबली मची हुई है।
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रामनाथ के पास छह साल से मान्यता का पटल है। मगर उसे परिवर्तित नहीं किया गया। वहीं स्टेनो राधाकृष्ण के पास से छह साल से निरीक्षण का कार्य है। वह भी नहीं बदला गया, साथ ही उनके पास दस हजार की भर्ती है, जिसमें वह आरोपी है। फिर भी उसमें परिर्वतन नहीं किया गया। प्रमोद शुक्ला के पास ट्रांसफार्मर पोस्टिंग का कार्य था। वह अभी तक किसी को नहीं दिया गया। पवन कश्यप के पास सात साल से कस्तूरबा विद्यालय का पटल है, मगर वह भी नहीं बदल गया। जबकि कस्तूरबा विद्यालय में सहायक को पटल नहीं दिया जा सकता है। प्रवीण मिश्र के पास काफी समय से 72 हजार व विज्ञान गणित भर्ती का कार्य है। उसमें भी परिर्वतन नहीं किया गया। विकास सिंह के पास से पांच साल से सांडी ब्लाक का कार्य है, प्रदुम्न अवस्थी के पास 25 साल से टोडरपुर का कार्य है। पवन कश्यप के पास छह साल से मल्लावां ब्लाक का कार्य है। मगर इनको परिवर्तित नहीं किया गया।
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विभागीय निर्देशों के अनुसार किसी भी शिक्षक व लिपिक का संबद्धीकरण नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद बीएसए कार्यालय में नगर क्षेत्र के लिपिक पवन कश्यप, मधुरपाल, बिलग्राम के अजय कुमार, शाहाबाद के मित्रसेन व ज्ञानेन्द्र, संडीला के सत्येन्द्र सिंह द्वितीय को संबद्ध किया गया है और उनको ब्लाक के साथ महत्वपूर्ण पटल दे दिए गए है। आवंटन में एक खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका पर लिपिकों ने निशाना साधा है और उस पर पटल आवंटन में आर्थिक दोहन व मनमानी का भी आरोप लगाया है। इसको लेकर विभाग में हलचल मची हुई है।
इस संबंध में बीएसए हेमंत राव का दावा है कि नियमानुसार ही कार्य का आवंटन किया गया है। अगर कोई आपत्ति है तो उसकी जांच कराई जाएगी।

-बेसिक शिक्षा विभाग में पटल परिवर्तन के बाद तूल पकड़ गया मामला
अमर उजाला ब्यूरो
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