हरदोई। जिले में स्वाइन फ्लू के 17 मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए कांटेक्ट ट्रेसिंग तेज कर दी है। इसके लिए टीमें गठित कर संक्रमित मरीजों के परिजनों और उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाकर स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही है। अब तक करीब 90 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा चुकी है। राहत की बात यह है कि इनमें किसी भी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण नहीं पाए गए हैं।
जिले में स्वाइन फ्लू का संक्रमण सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है। जिले में अभी तक कुल 17 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि, इसमें से मल्लावां निवासी एक अधेड़ व्यक्ति की मौत भी हो गई है। जिले में दो से तीन दिनों में अचानक मामले आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू की गाइडलाइन के तहत संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है। टीमें संपर्क में आए लोगों से जानकारी लेने के साथ ही उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही हैं। स्वाइन फ्लू के नोडल अधिकारी डॉ. सीबी सिंह ने बताया कि अभी तक 17 मरीजों के घर और आसपास के लोगों से जानकारी एकत्रित की गई है। ट्रेस किए गए किसी भी व्यक्ति में गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं। वहीं, कांटेक्ट ट्रेसिंग के दौरान कुछ लोग हल्के जुकाम से पीड़ित मिले हैं। हालांकि, उनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण नहीं पाए गए हैं। फिर भी एहतियात के तौर पर ऐसे लोगों को घर पर ही आइसोलेट रहने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार इन लोगों की निगरानी कर रही हैं।
मेडिकल कॉलेज में हो रही जांचों में सब सामान्य
स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज ने व्यवस्था शुरू कर दी है। गौराडांडा में आरटीपीसीआर जांचें हो रही हैं। मेडिकल कॉलेज में जांचें शुरू होने के बाद अभी तक करीब 114 मरीजों के स्वाब लेकर जांच की जा चुकी है। माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अदिति गर्ग ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांचों में फिलहाल सभी निगेटिव हैं। किसी में स्वाइन फ्लू नहीं मिला है।
वर्जन
जिले में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी निगरानी का सिलसिला जारी है, ताकि संक्रमण के संभावित प्रसार को समय रहते रोका जा सके। -डॉ. भवनाथ पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी