भरावन। अतरौली थाना क्षेत्र के भीखपुर एमा में गांव से बाहर अधबने मकान के बाहर तिरपाल के नीचे सोई वृद्धा पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया। गर्दन और चेहरे पर हुए हमले में वृद्धा ने चारपाई पर ही दम तोड़ दिया। तेंदुए के हमले से मौत होने की सूचना पर वन विभाग ने कॉबिंग शुरू करा दी। हालांकि तेंदुए के हमले से वन विभाग के अधिकारियों ने इन्कार किया है।
गोमती नदी के किनारे बसे भीखपुर एमा में आबादी से लगभग 100 मीटर दूर छेदाना राठौर (65) अधबने मकान में रह रही थीं। उनके साथ पुत्र श्रीराम बहू रामजानकी और बच्चे भी रहते हैं। बृहस्पतिवार रात छेदाना मकान के बाहर पड़े तिरपाल के नीचे चारपाई पर सोई थीं।
श्रीराम ने बताया कि शुक्रवार सुबह लगभग तीन बजे कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर वह मकान के बाहर आए। इस दौरान मां चारपाई पर मृत पड़ी मिलीं। गर्दन और चेहरे पर किसी जानवर के नोच लेने के निशान भी थे। घटना का पता चलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर लग गई।
अतरौली पुलिस के साथ ही कछौना के रेंजर विनय सिंह जादौन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि कुत्ता प्रजाति के किसी जंगली जानवर के हमले से छेदाना की मौत हुई है। सियार, भेड़िया या लकड़बग्घा होने की आशंका जताते हुए तेंदुए की मौजूदगी से उन्होंने इन्कार किया है। प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत पांडेय ने बताया कि शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
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डीएफओ भी पहुंचे, पगमार्क की भी हुई जांच
घटना का पता चलने पर प्रभागीय निदेशक जीबी शेंडे भी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल के आसपास अलग-अलग खेतों में मिले जंगली जानवर के पगचिह्न की जांच भी उन्होंने की। मूंगफली के खेत में मिले पगचिह्न की नाप-जोख भी की गई। डीएफओ ने पगचिह्न के आधार पर सियार होने की आशंका जताई है। गांव में वन विभाग की टीम को रोककर ग्रामीणों में जागरूकता और सतर्कता लाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी शुरू की गई है।
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पगचिह्न मिले हैं वह 6x4 सेंटीमीटर के हैं। तेंदुआ मौके पर नहीं है। तेंदुए का पगमार्क 9x6 सेंटीमीटर में होते हैं। टाइगर के पगमार्क 14x12 सेंटीमीटर के होते हैं। बाकी सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। -विनय सिंह जादौन, रेंजर कछौना
फोटो-18- छेदाना। फाइल फोटो