हरदोई। ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों ने 89 ग्राम पंचायतों में चालू वित्तीय वर्ष में न तो काम कराए और न ही भुगतान किया। राज्य वित्त आयोग की मद में काम और खर्च न किए जाने से जिले की स्थिति पिछड़ी है।
ग्राम पंचायतों में विकास और सामग्री आदि की खरीदारी के लिए पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त आयोग सहित विभिन्न मदों में रुपये दिए जाते हैं। इससे पंचायतें कार्ययोजना के मुताबिक गांवों में काम और उन पर भुगतान करती हैं। जिले में 1,293 ग्राम पंचायतों में से 89 ग्राम पंचायतों ने चालू वित्तीय वर्ष में कोई भी काम नहीं कराया है। इससे वहां पर न तो काम हुए और न ही भुगतान किए गए। इससे इन ग्राम पंचायतों में खर्च की स्थिति ई-ग्राम स्वराज के गेटवे पोर्टल पर प्रदर्शित हो रही है।
ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त आयोग के साथ ही केंद्रीय वित्त आयोग की मद में भी रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं इन ग्राम पंचायतों में काम और खर्च न किए जाने से कार्ययोजना, शासन की मंशा पूरी और आमजन को मिलने वाली सुविधा-सहूलियत नहीं मिल पा रही है। सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने बताया कि डीपीआरओ से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के परीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी।