हरदोई। 1,293 ग्राम पंचायतों में 579 ग्राम पंचायतों ने ही वित्तीय वर्ष 2022-23 के विकास कार्यों और खर्च का हिसाब दिया।
714 ग्राम पंचायतों ने अभी तक खर्च का हिसाब नहीं दिया है। ग्राम पंचायतों की ओर से अभिलेखों का ऑडिट न कराए जाने से चालू वित्तीय वर्ष की किस्त में कटौती की जा सकती है।
पंचायतीराज विभाग की ओर से गांवों में विकास कार्यों को कराए जाने के लिए राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग की मद में राशि दी जाती है। इस राशि के खर्च के ऑडिट की भी व्यवस्था दी गई है। गांवों में विकास कार्यों और खर्च में तो, पंचायतों के जिम्मेदारों ने तेजी दिखाई है। खर्च का हिसाब-किताब देने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में मिली राशि के खर्च का ही सभी ग्राम पंचायतों ने ऑडिट नहीं कराया है। लेखा परीक्षा विभाग की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया कि अभी तक 579 ग्राम पंचायतों ने ही ऑडिट कराया है।
बताया कि 714 ग्राम पंचायतों का ऑडिट होना शेष है। ऑडिट न होने से रिपोर्ट भी ऑनलाइन फीड नहीं हो सकी है। इससे पंचायतीराज विभाग के पोर्टल पर इन 714 ग्राम पंचायतों की रिपोर्ट शून्य प्रदर्शित हो रही है। पंचायतीराज विभाग ने ऑनलाइन ऑडिट रिपोर्ट फीड न होने वाली ग्राम पंचायतों को चालू वित्तीय वर्ष की किस्त पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैँ। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी बीडीओ और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को आदेशित किया गया है कि वह सभी ग्राम पंचायतों के अभिलेखों का ऑडिट 30 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से कराएं।