हरदोई। बारिश व तेज हवा से जिले में बिजली वितरण निगम को काफी नुकसान हुआ। अब तक किए गए आकलन में 659 विद्युत पोल और 150 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं 220 केवीए उपकेंद्र से 33 केवीए लाइन शुरू कर दी गई मगर बिजली लाइनों के क्षतिग्रस्त होने के कारण कई फीडर शुरू नहीं हो सके। इससे सैकड़ों गांव अंधेरे में हैं।
दो दिन से लगातार हो रही बारिश से जिले के विभिन्न स्थानों पर बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। विभाग की ओर से किए गए प्राथमिक आकलन में जिले में बारिश व तेज हवा के कारण 659 विद्युत पोल व लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 150 ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। विभाग की ओर से अभी तक 120 विद्युत पोल को बदला जा चुका है और 11 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं मगर अभी भी 11 हजार और एलटी लाइन काफी स्थान पर क्षतिग्रस्त है। इस कारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों गांव अंधेरे में हैं। 220 केवीए मन्नापुरवा में पानी का लेवल कम होने से कुछ राहत मिली है।
कछौना नगर क्षेत्र को मात्र 10 घंटे आपूर्ति मिल सकी। वहीं ग्रामीण इलाकों में बिजली नियमित नहीं हो सकी। जेई राजकुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह तारों पर पेड़ गिर गए जिससे आपूर्ति नहीं दी जा सकी।
पाली में अवर अभियंता सुखपाल सिंह ने बताया कि आंधी पानी से काफी नुकसान हुआ है। पेट्रोलिंग की जा रही है। परेली, पेंतापुर, ज्योरा, नया गांव आदि जगहों पर पोल गिर गए हैं जिससे आपूर्ति बंद है। उसे सही किया जा रहा।
सवायजपुर क्षेत्र में छह विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने के साथ करीब एक किमी विद्युत लाइन टूट गई। इससे 2300 उपभोक्ताओं को दो दिन से बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। जेई पंकज जायसवाल ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जल्द ही आपूर्ति चालू कर दी जाएगी।
भरावन में विद्युत उपकेंद्र अतरौली से जुड़े क्षेत्र में 70 घंटे से आपूर्ति ठप है। इससे 18 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है। करीब 60 विद्युत पोल गिरने से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। एसडीओ राजीव ने बताया कि तेज बारिश और हवाओं के कारण कई स्थानों पर विद्युत पोल व पेड़ टूटकर गिर गए हैं। खराब मौसम के बावजूद विद्युत कर्मचारी फॉल्ट दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं।
बिलग्राम नगर में शुक्रवार सुबह सात बजे से गुल हुई आपूर्ति 54 घंटे के बाद रविवार को बहाल हो सकी। तहसील फीडर में आने वाला क्षेत्र रविवार सुबह करीब तीन बजे के आसपास चालू हो पाया जबकि टाउन फीडर रविवार दोपहर 12 बजे तक चालू हो पाया। अवर अभियंता संतोष कुमार का कहना है कि कुतुआपुर के निकट पेड़ तारों पर गिर गए थे जिस कारण फॉल्ट को ढूंढने और ठीक करने में दो दिन से अधिक का समय लग गया।
मल्लावां में शुक्रवार शाम करीब छह बजे 33 केवीए विद्युत लाइन के साथ ही 11 हजार की लाइन में कई जगह पर हुए फॉल्ट की वजह से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इसकी वजह से उपकेंद्र के सभी फीडर बंद हो गए थे। शुक्रवार को बारिश के बीच कर्मचारी फॉल्ट की तलाश करते रहे। शनिवार रात करीब आठ बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
बेनीगंज के न्यू पावर हाउस और पुराने पावर हाउस दोनों विद्युत उपकेंद्रों से सप्लाई ठप होने से करीब 230 गांव पिछले 50 घंटों से अंधेरे में डूबे हुए हैं। जमुनिया, झरोइया, बेनीगंज, अल्लीपुर, ढफरापुर, सोभेपुरवा, पट्टी, नयागांव, देवरिया, गोवर्धनपुर, शुक्लापुर, कुइयां, डही, शहबादपुर, वाजिदपुर और हूसेपुर आदि गांव की बिजली गुल है।
110 केवीए से जुड़े सभी उपकेंद्रों की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। सिर्फ हरियावां उपकेंद्र बंद है। उपकेंद्र से पानी निकालने का कार्य जारी है। निकास की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण समस्या आती है। इसको प्रशासन को अवगत कराया गया है और स्थायी निदान कराने के लिए कहा गया है। -मो.सउद, अधिशासी अभियंता प्रेषण खंड