फोटो 22: 15 नवंबर के अंक में प्रकाशित खबर।
हरदोई। गांवों में कराए गए काम और भुगतान में मिली गड़बड़ी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ऑडिट में मिली गड़बड़ी के बाद परिपालन न कराने वाले 22 तत्कालीन प्रधान और पंचायत सचिवों से वसूली की जाएगी।
जिलाधिकारी अनुनय झा ने तत्कालीन प्रधान और पंचायत सचिवों को आदेश दिए हैं कि रुपये संबंधित ग्राम पंचायत के ग्राम निधि खाते में ब्याज समेत जमा कराएं। चेतावनी दी कि 90 दिन के अंदर रुपये जमा न करने वाले तत्कालीन प्रधान और पंचायत सचिव से बकाया भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए रिकवरी प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
ग्राम पंचायत के माध्यम से साल 2013-14 से 2018-19 तक कराए गए काम और खर्च किए गए रुपये के ऑडिट में 22 ग्राम पंचायत में करीब 5.67 करोड़ रुपये की गड़बड़ी मिली। इन 22 ग्राम पंचायतों ने न तो ऑडिट का परिपालन किया और न ही रुपयों का हिसाब-किताब दिया।
अमर उजाला ने 15 दिसंबर के अंक में इससे जुड़ी खबर ‘5.67 करोड़ का तलाशा जा रहा हिसाब’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था। खबर को पंचायतीराज विभाग और डीएम ने गंभीरता से लिया।
गड़बड़ी वाली ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधान (उस समय प्रधान थे) से ब्याज समेत रुपये की वसूली के डीएम ने आदेश दिए हैं। बताया कि रुपये जमा न करने वालों के विरुद्ध आरसी जारी किए जाने के लिए एडीएम को भी पत्र लिखा गया है। बताया कि कुल गड़बड़ी के रुपये के 50 प्रतिशत रुपये प्रधान और बाकी के 50 प्रतिशत रुपये से पंचायत सचिवों के कार्यकाल के मुताबिक निर्धारण किया गया है।
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इन प्रधानों को जमा कराने हैं रुपये
जिला लेखा परीक्षा विभाग की तरफ से दी गई रिपोर्ट पर पंचायतीराज विभाग ने गड़बड़ी के लिए दोषी प्रधान को चिह्नित किया है। डीएम ने पिहानी की सलेमपुर के तत्कालीन प्रधान अनिल कुमार, बैफरिया की अनीता यादव, माधौगंज की ढेडनी सरैंया के मकरंद, टोडरपुर की कुसुमा की कमलेश, सांडी की छोडपुर की शिववती, बखरिया के संजीव कुमार, बरनई चतरखा की विनीता, संडीला की सरवा गोसवा की कमला देवी, भरावन की कोयली के रघुराई, किरला के गुरू प्रसाद, दूलानगर के कैलाश कुमार, वृंदावन की नूरजहां, कोथावां की बहादुरपुर के संतोष कुमार, टड़ियावां की ओदरातरी के हरिओम, अलीशाबाद के विनोद, हरियावां की मुरवां के सतीश गुप्ता, पेंग के बाबू, जफरपुर के दिनेश, हरपालपुर की नेवादा चौगवां के विकास यादव, सिरसा की सरिता, सुरजूपुर दुर्जना की राखी देवी और महसूलापुर के रामशरण से वसूली होगी।
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यह पंचायत सचिव कार्रवाई की जद में
ऑडिट में गड़बड़ी के लिए डीपीआरओ ने पंचायत सचिवों के नाम को चिह्नित किया है। पंचायत सचिव संजय कुमार तिवारी, मनोहर लाल, विवेक कुमार, आकाश पाल, संजय वर्मा, बालक राम, रामनरेश श्रीवास्तव, बालक राम, दीक्षा त्रिपाठी, देशराज गौड़, कृपाल सिंह, रामकृष्ण, धीरेंद्र प्रताप सिंह, स्वाति सिंह, राजनारायन, सुंदरलाल, रत्नेश वर्मा, कमला पति, नंदीदेवी, राकेश पाल, सत्य प्रकाश दीक्षित, बृजपाल, राममूर्ति वर्मा, राजेश कश्यप, अनिल चौरसिया, सुशील, प्रवीण कुमार द्वितीय और राजेश को भी गड़बड़ी के रुपये में से उनके कार्यकाल में मिली गड़बड़ी के आधार पर रुपये जमा किए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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इन ग्राम पंचायतों में ऑडिट में मिली गड़बड़ी के रुपये की होगी वसूली
साल 2013-14 से साल 2018-19 तक ग्राम पंचायतों की तरफ से खर्च किए गए रुपये से ऑडिट में मिली गड़बड़ी के रुपये की वसूली होगी। इसमें ब्लॉक पिहानी के सलेमपुर में 7,15,990, बिलग्राम के बैफरिया में 7,002, माधौगंज की ढेडनी सरैया में 3,65,600, टोडरपुर की कुसुमा में 4,36,780, सांडी की छोछपुर में 35,08,530, बखरिया में 46,80,232, बरनई चतरखा में 16,46,061, संडीला की सरवा गोसवा में 2,64,377, भरावन की कोयली में 30,68,671, किरला में 30,50,228, दूलापुर 69,93,694, वृंदावन में 34,15,725, कोथावां के बहादुरपुर में 14,44,541, टड़ियावां की ओदरातरी में 2,59,121, अलीशाबाद में 5,46,961, हरियावां के मुरवा में 62,11,599, पेंग में 7,22,445, जफरपुर में 8,50,000, हरपालपुर की नेवादा चौगवां में 6,58,600, सिरसा में 6,96,020, सुरजूपुर दुर्जना में 12,79,189, महसूलापुर में 11,57,492 रुपये शामिल हैं।