पंचायत चुनाव में द्वितीय चरण का चुनाव कराने के लिए 903 पोलिंग पार्टियां सोमवार को संबंधित पांचों ब्लाकों से रवाना हुईं। इन पोलिंग पार्टियों में लगे 3612 मतदान कर्मी मंगलवार को 448 मतदान केंद्रों के बूथों पर जनता की राय को 1806 मतपेटियों में कैद करेंगे।
13 अक्तूबर को संडीला, कोथावां, बेंहदर, भरावन व कछौना में मतदान केंद्रों के 903 मतदेय स्थलों पर मतदान कराया जाना है। पांचों ब्लाकों में रवानगी स्थल पर आला अधिकारियों सहित आरओ व एआरओ सहित अन्य अधिकारी स्थितियों का जायजा लेते रहे।
हालांकि बिखरी व्यवस्थाओं को वह दोपहर तक तो नहीं संभाल सके। इसके बाद कर्मियों को ड्यूटियां प्राप्त करने, फिर अपनी पोलिंग पार्टी के लोगों से मिलने, सामान प्राप्त करने, उसके बाद दिए गए प्रपत्रों को भरने और सबसे बाद में अपनी बसों को खोजने में काफी वक्त बर्बाद करना पड़ा। शाम तक बूथों पर पोलिंग पार्टियां पहुंचीं। देर शाम सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेटों ने बूथों पर पार्टियों के पहुंच जाने की जानकारी भी ली।
काफी अफरातफरी के बीच डीवीएम महाविद्यालय से मतदान पार्टियों को रवाना किया गया। पार्टियों के रवाना होने का क्रम शाम चार बजे तक जारी रहा। मतदान कर्मियों को सुबह सात बजे ही डीवीएम महाविद्यालय पहुंचने के लिए कहा गया था।
सोमवार को पितृपक्ष का अंतिम दिन होने के कारण ज्यादातर लोग 10 बजे के आसपास पहुंचे। मतदान कर्मियों के पहुंचने का सिलसिला 12 बजे तक जारी रहा। मतदान पार्टियों को मतदान सामग्री प्राप्त करने के लिये बारह बूथ बनाए गए। इन पर पीठासीन अधिकारियों को तीन बजे तक सामग्री दी जाती रही। पुलिस कर्मियों व चौकीदारों की हाजिरी के लिये अलग पंडाल बनाया गया था।
यहां पर सीओ , कोतवाल तथा अन्य अधीनस्थ कर्मचारी लगे थे। दोपहर में पर्यवेक्षक ने जायजा लिया। उनके साथ एसडीएम एपी सिंह भी मौजूद रहे। दोपहर बाद सुपर जोनल मजिस्ट्रेट संजीव सिंह ने महाविद्यालय केंद्र पर पहुंचकर जायजा लिया तथा मतदान कर्मियों को तुरंत अपने वाहनों पर बैठने के निर्देश दिए तथा सेक्टर मजिस्ट्रेटों को जल्दी से जल्दी मतदान पार्टियों को रवाना करने को कहा। 4 बजे तक सभी मतदान पार्टियां रवाना हो सकीं।