हरदोई। रक्षाबंधन त्योहार पर प्रदेश सरकार की तरफ से तीन दिन की निशुल्क सेवा में जिले की 40 हजार महिलाओं और उनके एक सहयात्री ने सफर का लाभ लिया। क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत अन्य डिपो में भी निशुल्क सफर करने वालों की भीड़ रही। सभी डिपो में कुल 1.86 लाख लोगों ने निशुल्क लाभ लिया। इसमें सरकार ने 1.80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन किया।
रक्षाबंधन के अवसर पर निशुल्क बस यात्रा सुविधा अब एक सामाजिक परंपरा सी बन गई है। वर्ष 2017 से शुरू हुई इस सुविधा में हर साल हजारों महिलाएं टिकट पर खर्चा किए बिना अपने भाइयों को राखी बांधने जाती हैं। बीते साल यह सुविधा सिर्फ दो दिन के लिए थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस बार निशुल्क सुविधा तीन दिन के लिए दी। आठ अगस्त की सुबह छह से 10 अगस्त की रात को 12 बजे तक महिला और एक सहयात्री ने निशुल्क सफर किया। इसके चलते जिले में इस बार निशुल्क सफर करने वाले 40406 यात्री रहे। सरकार पर 3388613 रुपये के राजस्व का अतिरिक्त बोझ आया।
इसी प्रकार क्षेत्रीय कार्यालय हरदोई से जुड़े अन्य डिपो में सीतापुर डिपो में 40307, गोला डिपो में 22124, लखीमपुर में 16256, शाहजहांपुर में 48491 और कन्नौज में 19268 महिला और उनके सहयात्री ने सफर किया। क्षेत्रीय प्रबंधक एमएल केसरवानी ने कहा कि तीन दिन बस सेवा निशुल्क होने से महिलाओं ने सुविधा का लाभ लिया है।
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सर्वाधिक सीतापुर डिपो में 44,03,485 रुपये के टिकट बनाए गए
महिलाओं के लिए तीन दिन लागू की गई निशुल्क सेवा में हरदेाई क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत कुल 1,86,852 महिला और उनके सहयात्री ने सफर किया है। इसमें सरकार पर 18032695 रुपये का अतिरिक्त बोझ जीरो रुपये के टिकट बनाने पर आया है। इनमें सबसे अधिक सीतापुर डिपो में 44,03,485 रुपये के टिकट बनाए गए। इसके अलावा गोला में 2,10,773 रुपये, लखीमपुर में 14,43,724 रुपये, शाहजहांपुर में 42,59,281 रुपये और कन्नौज में 24,29,819 रुपये के टिकट बने।