हरदोई। हरियावां की ग्राम पंचायत पड़री के निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता पकड़ी है। उन्होंने ग्राम प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है। डीपीआरओ का कहना है कि लगभग तीस लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है।
डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने बताया कि हरियावां विकास खंड की ग्राम पंचायत पड़नी में लगभग दस साल पहले बनी सीसीरोड पर ही दो बार कार्य दिखाकर चार लाख रुपये का भुगतान निकाल लिया गया। इसके अलावा दो लाख साठ हजार रुपये का भुगतान ह्यूम पाइप (पुलियों के नीचे डालने वाला पाइप) की खरीद पर किया गया। लेकिन गांव में कहीं भी ह्यूम पाइप नहीं मिले।
सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी मानक के मुताबिक नहीं हुआ है। डीपीआरओ ने बताया कि गांव में स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए लगभग साढ़े 12 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन गांव में कहीं भी लाइट नहीं मिलीं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में दूसरा पंचायत भवन बनवाने की तैयारी हो रही थी, जिस पर रोक लगा दी गई है। पहले से बने पंचायत भवन की ही दशा सुधारने का निर्देश दिया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि लगभग तीस लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है। ग्राम सचिव अभिषेक पाल और ग्राम प्रधान मोहम्मद रिजवान को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
अधूरे मिले शौचालय, बिना एस्टीमेट के बनी सीसीरोड
अपर जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चंद्र ने माधौगंज विकास खंड की ग्राम पंचायत नौमलिकपुर का निरीक्षण किया। गांव में एनएलओबी के तहत जारी बजट के सभी शौचालय अधूरे मिले। पंचायत घर भी अपूूर्ण मिला। विभागीय सूत्रों के मुताबिक गांव में एक सीसी रोड का निर्माण कराया गया है। इस कार्य के लिए एस्टीमेट की स्वीकृति नहीं ली गई है और इस पर लगभग चार लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है। डीपीआरओ गिरीश चंद्र ने बताया कि आख्या मिलते कार्रवाई की जाएगी।