हरपालपुर। ब्लॉक की सिरसा ग्राम पंचायत में पांच वर्ष में कराए गए कार्यों में करीब 24 लाख रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई है। तकनीकी जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीसी मनरेगा ने जेई और प्रधान समेत छह कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
राजीव यादव सिरसा ग्राम पंचायत के प्रधान हैं। वर्ष 2015 के चुनाव में भी वही जीते थे। गांव के उमेश कुमार सिंह संतोष मिश्रा आदि पांच वर्ष के विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाकर प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत की थी।
इस पर डीएम अविनाश कुमार ने सहायक अभियंता डीआरडीए राजेश सिंह व उपायुक्त स्वत: रोजगार विपिन कुमार चौधरी की टीम बनाकर तकनीकी कराई। मनरेगा के कार्यों में करीब 24 लाख की गड़बड़ी पकड़ी गई। एक ही तालाब का नाम बदलकर चार बार खुदाई कराई गई।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त श्रम रोजगार प्रमोद सिंह चंद्रौल ने तत्कालीन अवर अभियंता दीपक राजपूत, तकनीकी सहायक मंजुल अग्निहोत्री, तत्कालीन पंचायत सचिव मीना वर्मा, मनोहर लाल, सुशील सिंह सोमवंशी और ग्राम पंचायत सचिव गरिमा कुशवाहा को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
इसमें सुशील सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। खंड विकास अधिकारी डॉ. संतोष वर्मा ने बताया कि सभी ब्लॉक कर्मियों और ग्राम प्रधान राजीव यादव को नोटिस रिसीव करा दिया गया है।