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सपा-कांग्रेस के चुनावी यज्ञ में ब्राह्मण किनारे

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हरदोई। कांग्रेस और सपा में कभी ब्राह्मण नेताओं का दबदबा था। विधानसभा चुनाव के टिकट ही नहीं सरकार बनने पर ब्राह्मण नेताओं को दमदार मंत्रालय भी दिए जाते थे।
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अपने नेता को तवज्जो मिलने पर बिरादरी के वोटर भी लंबे समय तक दोनों पार्टियों से जुड़े रहे। पिछले कुछ वर्षों में दोनों दलों से ब्राह्मण नेताओं की दूरी बढ़ती गई।
इस बार के चुनाव में तो सपा और कांग्रेस ने एक भी ब्राह्मण को प्रत्याशी नहीं बनाया है। भाजपा ने एक और बसपा ने दो सीटों पर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारें हैं।
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बसपा ने वर्ष 2007 में सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाया था। तभी से ब्राह्मण प्रत्याशियों को मौका दिया जाने लगा। भाजपा ने भी 2012, 2017 में ब्राह्मण प्रत्याशी को तवज्जो दी।
सपा ने 2012 के विधानसभा चुनाव में सवायजपुर से डॉ. अशोक वाजपेयी को टिकट दी थी। पिछले यानी 2017 के चुनाव में एक भी ब्राह्मण को टिकट नहीं दिया गया।
इस बार भी सपा में ब्राह्मणों का पत्ता साफ कर दिया गया है, जबकि दो सीटों पर ब्राह्मण नेता मजबूत दावेदार थे। इनमें कुछ तो वोट भी मांगने लगे थे।
कभी सपा का ब्राह्मण चेहरा थे डॉ. अशोक
डॉ. अशोक वाजपेयी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव करीबियों में शुमार थे। जिले में वह सपा का ब्राह्मण चेहरा भी हुआ करते थे। परिसीमन में डॉ. वाजपेयी की सीट पिहानी खत्म होकर नई आरक्षित सीट गोपामऊ बन गई।
मुलायम सिंह ने डॉ. वाजपेयी को सवायजपुर को टिकट देकर ब्राह्मणों को तवज्जो देने का संदेश दिया था। चुनाव हारने के बावजूद उन्हें मंत्री फिर एमएलसी बनाया गया।
अखिलेश यादव से तालमेल न मिलने से डॉ. वाजपेयी भाजपा में शामिल हो गए थे। राज्यसभा सांसद अशोक वाजपेयी अब भाजपा का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा माने जाते हैं।
सपा गठबंधन से चार पिछड़ी जाति के प्रत्याशी
जिले में विधानसभा की आठ सीटें हैं, इसमें तीन गोपामऊ, सांडी, बालामऊ अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। हरदोई, मल्लावा- बिलग्राम, संडीला और शाहाबाद, सवायजपुर सामान्य सीटें हैं।
इसमें भाजपा ने एक ब्राह्मण, एक क्षत्रिय, एक वैश्य और दो पिछड़ी जाति के उम्मीदवार को उतारा है। सपा गठबंधन ने एक मुस्लिम और पिछड़ी जाति के चार प्रत्याशी उतारे हैं।
कांग्रेस ने दो क्षत्रिय, दो मुस्लिम और पिछड़ी जाति के एक नेता को मौका दिया है। बसपा ने दो ब्राह्मण, एक क्षत्रिय, एक मुस्लिम और एक पिछड़ी जाति का प्रत्याशी मैदान में उतारा है।
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