हरदोई। बेहद सुरक्षित माने जाने वाले कलक्ट्रेट के अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) से संडीला तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से जुड़ी 23 पत्रावलियां चोरी हो गईं। पत्रावलियों की जगह बैग में पुराने रद्दी कागज भर दिए गए। चोरी के 15 दिन बाद जिम्मेदारों काे घटना का पता चला। इसके बावजूद एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालने की कवायद होती रही। घटना का पता चल जाने के 11 दिन बाद कथित महिला अधिवक्ता के खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई।
रिकॉर्ड रूम में जिलेभर के राजस्व संबंधी रिकॉर्ड रहते हैं। बीते आठ सितंबर को किसान जगदीश ने अधिवक्ता चंद्र प्रकाश अवस्थी के साथ कासिमपुर के बस्ते का निरीक्षण करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर यहां तैनात कर्मचारी रामू सिंह ने अभिलेखों का निरीक्षण करने के लिए बस्ता निकाला। इस दौरान पता चला कि बस्ते में अभिलेख हैं ही नहीं। इसकी जगह सिर्फ रद्दी कागज थे और मूल प्रपत्र गायब थे।
इसके बाद कुछ अन्य अभिलेखों की जांच की गई तो पता चला कि खतौनियां, जिल्द, नए और पुराने नक्शे, चकबंदी के अभिलेख और आधार वर्ष व आकार पत्र समेत 23 अभिलेख गायब हैं। यह सभी अभिलेख बेहंदर कला, बेहंदर खुर्द और कासिमपुर ग्राम पंचायतों के हैं। अभिलेख गायब होने की जानकारी से रिकॉर्ड रूम के कर्मचारी और अधिकारी सकते में आ गए। यहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए। साथ ही निरीक्षण के लिए दाखिल किए जाने वाले प्रार्थना पत्र भी जांचे गए। इसमें पता चला कि कथित अधिवक्ता मिआ शर्मा ने 25 अगस्त को कासिमपुर के बस्ते का निरीक्षण किया था। इसी दिन के फुटेज खंगाले गए।
दावा है कि निरीक्षण के दौरान अभिलेख बस्ते से निकालकर एक काले बैग में ले जाते हुए मिआ शर्मा नजर आईं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मिआ कहां की अधिवक्ता हैं लेकिन चर्चा में पता चला कि वह गाजियाबाद की हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि राजस्व अभिलेखागार के अभिलेख पाल सीताराम चौधरी की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया गया है। इसमें कथित अधिवक्ता मिआ शर्मा को आरोपी बनाया गया है।