- ब्लॉक के टॉप टेन डिफाल्टर पंचायत सचिवों को वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी
- डीपीआरओ ने एक सप्ताह में मांगा शत-प्रतिशत सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण पंचायतों के जिम्मेदारों की लापरवाही का शिकार होता दिखा रहा है। व्यक्तिगत शौचालय के करीब 20,000 आवेदन सत्यापन के लिए लंबित हैं। जिससे पात्र परिवार को समय से लाभ नहीं मिल पा रहा और जिले की प्रगति भी प्रभावित हो रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने नाराजगी जाहिर की। सोमवार को समीक्षा की। प्रत्येक ब्लॉक के टॉप टेन डिफाल्टर पंचायत सचिवों को नोटिस दी है और वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से संचालित स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में पात्र परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय बनवाए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन का सत्यापन पंचायत सचिवों को करना है, जिससे पात्र और अपात्र श्रेणी के परिवारों की स्थिति स्पष्ट हो सके। ताकि शासन से रुपये की मांग की जा सके और पात्र परिवारों के शौचालय बनवाए जा सकें। डीपीआरओ ने बताया कि ऑनलाइन समीक्षा में 190 ग्राम पंचायतों में सत्यापन की स्थिति बेहद पिछड़ी है।
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