हरदोई। शासन की ओर से चलाए जा रहे महिला सुरक्षा माह के दौरान 181 हेल्पलाइन का भी प्रचार-प्रसार सबसे ज्यादा किया जा रहा है। लेकिन 181 हेल्पलाइन के तहत आशा ज्योति केंद्र को मिली रेस्क्यू वैन 15 दिन से डीजल न मिलने के कारण बंद पड़ी है। ऐसे में कॉल करने पर भी महिलाओं और लड़कियों को तत्काल सुरक्षा कैसे मिलेगी, ये सवाल भी उठ रहा है।
महिला सुरक्षा माह के तहत जागरुकता के लिए विशेष अभियान कवच चल रहा है। जागरुकता गोष्ठियों में आला अधिकारियों से लेकर परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं 181 हेल्पलाइन का जिक्र कर रहे हैं। इसमें कोई भी विपत्ति आने पर हेल्पलाइन के जरिये तत्काल मदद मिलने की जानकारी दी जाती है। लेकिन 181 हेल्पलाइन की जिले में स्थिति 15 दिन से बेहद खराब है।
जिला अस्पताल परिसर में 181 हेल्पलाइन का कार्यालय आशा ज्योति केंद्र नाम से है। 15 दिन में 181 हेल्पलाइन पर हरदोई से जुड़ी 23 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन आशा ज्योति केंद्र की टीम सिर्फ एक मामले में ही सक्रियता दिखा पाई। कारण यह कि आशा ज्योति केंद्र को जो रेस्क्यू वैन मिली है, उसमें 15 दिन से डीजल नहीं है। डीजल के लिए बजट का भी कोई इंतजाम अब तक नहीं हुआ है।
जिला प्रोवेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि 15 दिन से डीजल न होने का मामला संज्ञान में है। यह भी सही है कि पिछले 15 दिनों में आईं शिकायतों में से सिर्फ एक में ही त्वरित कार्रवाई की जा सकी। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू वैन के संचालन की जिम्मेदारी एक निजी क्षेत्र की कंपनी को है। उक्त कंपनी ने डीजल और बजट उपलब्ध नहीं कराया है। इसके कारण ही वैन संचालित नहीं हो पा रही है।
181 हेल्पलाइन का संचालन 24 जून 2017 को शुरू किया गया था। तब से अब तक रेस्क्यू वैन के जरिये 300 मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जा चुकी है। आशा ज्योति केंद्र में चार काउंसलर, छह महिला सिपाही और दो चालकों की तैनाती है।