हरदोई। नानक सागर बैराज से छोड़ा गया पानी देवहा नदी के जरिए गर्रा में आने के साथ ही जिले में परेशानी बढ़ा रहा है। गर्रा के पानी से चार तहसील क्षेत्रों के 115 गांव प्रभावित हुए हैं।
इसमें से 56 गांव की आबादी भी प्रभावित है। इन गांवों के घरों तक पानी पहुंच गया। गर्रा का पानी सांडी क्षेत्र के गांवों में बढ़ा है। शाहजहांपुर में गर्रा के पानी में कमी आने से पानी का दबाव जिले में बढ़ा है और कटान की आशंका भी बढ़ गई है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राज्य आपदा मोचक दल (एसडीआरएफ) और पीएसी को बुला लिया हैस्चार रेस्क्यू स्टीमर के साथ राज्य आपदा मोचक दल और पीएसी को तहसील शाहाबाद में लगाया गया है।
गर्रा के पानी ने शाहाबाद, सवायजपुर, बिलग्राम और सदर तहसीलों के गांवों को प्रभावित किया है। शाहाबाद के उमरिया कैथानी सहित छह गांवों में गर्रा के पानी ने कटान किया है। चारों तहसीलों के 115 गांव प्रभावित हुए हैं। इसमें 59 गांवों में पानी घुसा तो नहीं है, लेकिन गांवों के आसपास और खेतों में भर गया है। 56 गांवों की आबादी पूरी तरह से प्रभावित है। इन गांवों और घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वैसे तो बाढ़ से करीब दो लाख लोग प्रभावित हैं, लेकिन करीब 20 हजार से अधिक लोग घरों तक पानी भरने से छतों पर या पंचायत भवन, स्कूल, सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं।
गर्रा का पानी बढ़ने से सदर तहसील के बावन क्षेत्र के गांव भी प्रभावित हुए हैं। औहदपुर, लगवाही, पुरौरी, एजा, लोनार आदि गांव प्रभावित हुए हैं। औहदपुर में गांव तक पानी भर जाने से लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने अधिकारियों के साथ नाव से औहदपुर गांव पहुंचे। प्रभावितों से जानकारी ली। एसडीएम एसके मिश्रा, बीडीओ डॉ. रामप्रकाश ने बचाव कार्यों की जानकारी दी। बाढ़ के पानी से प्रभावित करीब 20,000 लोगों के लिए प्रशासन ने राहत बचाव कार्य और राहत सामग्री देनी शुरु कराई है।
सांडी क्षेत्र में गर्रा का पानी बढ़ने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ी हैं। पानी ने सांडी देहात, भौराजपुर, सालेपुरवा, छितरामऊ, मलवा अखवेलपुर, चुन्नीपुरवा, बम्टापुर, मानीमऊ, अस्योली, नोनखारा समजपुर, रौरा, नयागांव व अंटवा गांव तक पानी पहुंच गया है। अनहोनी की आशंका पर नयागांव से दो परिवार, समजलपुर में करीब 13 परिवारों को वहां से निकालकर पंचायत भवन व स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। चुन्नीपुरवा के परिवार पहले से ही तिलमई स्कूल में विस्थापित कराए गए थे।
रामपुर मार्ग बोरिया लगाकर वैकल्पिक तौर पर रास्ता चालू करा दिया गया। सांडी से अलियापुर संपर्क मार्ग पर आवागमन बंद है। खाद्य रसद विभाग के अपर आयुक्त शीलधर यादव ने एडीएम प्रियंका सिंह, एसडीएम राकेश सिंह के साथ तिलमई में विस्थापित परिवाराें से भोजन, मवेशियों के टीकाकरण आदि की जानकारी ली।
शाहाबाद के उमरिया कैथानी गांव में राहत शिविर का अपर आयुक्त शीलधर यादव ने जायजा लिया। यहां पर 15 परिवारों को विस्थापित किया गया है। भदासी गांव में प्रभावित परिवारों से मवेशियों के टीकाकरण व स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की जानकारी की। एसडीएम पूनम भास्कर आदि अधिकारी साथ रहे। पाली क्षेत्र में कहारकोला सहित करीब 20 गांवों में बाढ़ की स्थिति जस की तस बनी हुई है। पाली-शाहाबाद मार्ग पर आगमपुर पुलिया कट जाने के स्थान पर पीएसी को लगाया गया है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत-बचाव कार्य के साथ ही मदद के लिए 38 राहत शिविर संचालित कराए गए हैं। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को गांवों में ही भोजन तैयार कराकर दोनों समय वितरित कराया जा रहा है। राजस्व टीमों में इसमें लगाया गया है और नियमित निगरानी की जा रही है। एक हजार परिवारों को राशन सामग्री की किट दी गई हैं।
हरदोई। शाहजहांपुर जनपद में गर्रा नदी में पानी में कमी के साथ ही यहां पर पानी बढ़ा है। रामगंगा नदी का भी पानी बढ़ा है। बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम से बताया गया कि गर्रा नदी में शाहजहांपुर में 55 सेमी. पानी की कमी आई और पानी 148.75 मीटर पर आ गया है, लेकिन यह चेतावनी बिंदु 148 मीटर से 75 सेमी. अभी भी ऊपर है। रामगंगा नदी के पानी में 15 सेमी. की बढ़ोतरी हुई है। रामगंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 45 सेमी. ऊपर 137.05 मीटर पर पहुंच गया और यह खतरे के निशान से पांच सेमी. नीचे है। गंगा नदी के पानी में भी 20 सेमी. की बढ़ोतरी हुई। यह 135.35 मीटर पर है। गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 35,039 और नरौरा बैराज से 30,986 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
हरदोई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के साथ ही डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने शासन को जानी वाली सूचनाओं को एसडीएम से कहा है कि ऑनलाइन सही-सही फीड कराएं। बाढ़ से प्रभावित गांवों, लोगों, फसलों के जलमग्न होने के क्षेत्रफल, मवेशियों की संख्या और पहुंचाई जा रही राहत सामग्री व बचाव कार्यों का ब्योरा तत्काल प्राप्त कराएं। उन्होंने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर तहसीलों से प्राप्त डाटा का परीक्षण किया। गांवों में पहुंचाई जा रही राहत सामग्री और बचाव कार्यों की जानकारी ली। एसडीएम से कहा कि सभी बाढ़ चौकियों पर सतर्कता बरती जाए। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रफल का भी जल्द ही आकलन करा लिया जाए। शारदा नहर के अधिशासी अभियंता एके गौतम से पानी के संबंध में जानकारी ली। आपदा लिपिक पंकज कुमार, प्रवीण श्रीवास्तव आदि ने ऑनलाइन डाटा की जानकारी दी। (संवाद)
हरदोई। बाढ़ और बरसात में पशुधन को बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने टीकाकरण अभियान जारी रखा है। बाढ़ प्रभावित तहसील शाहाबाद, सवायजपुर, बिलग्राम और सदर के गांवों में निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाए गए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों गहोरा, आलमपुर, अमिरता, मलवा अखवेलपुर, चंद्रमपुर, बाबरपुर, रणधीरपुर, लखमापुर, परेली, समजपुर आदि गांवों में चिकित्साधिकारियों की टीमों ने शिविर में पशुओं का टीकाकरण किया। बताया कि 476 मवेशियों का रेस्क्यू किया गया। 1,800 मवेशियों का टीकाकरण, 130 मवेशियों को पेट के कीड़े की दवा दी गई। करीब 100 क्विंटल भूसा का वितरण किया गया। बताया कि बावन, शाहाबाद व बिलग्राम में दो-दो मोबाइल वेटनरी यूनिट और टीमों को लगाया गया है। प्रतिदिन की रिपोर्ट भी ली जा रही है। (संवाद)
हरदोई। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता अविनाश मिश्रा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। अरवल क्षेत्र में बाढ़ के पानी से होने वाले कटान और विभागीय अभियंताओं की ओर से कराए गए कार्यों का जायजा लिया। अरवल क्षेत्र में कटान को समय से रहते राहत कार्यों से रोक लिए जाने से कई मकान कटान से बचा लिए गए। अधिशासी अभियंता एके गौतम ने बचाव और कटान रोधी कार्योंं की जानकारी दी।