हरदोई। बदलता खानपान और अनियमित जीवन शैली अब बड़ा खतरा बनती जा रही है। हाइपरटेंशन और डायबिटीज अब लोगों को कम उम्र में ही अपना शिकार बना रही है। साइलेंट किलर बनती जा रही यह दोनों बीमारियां अब जिले में तेजी से पैर पसार रही हैं। गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए कराई गई जांचों ने तो स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। एक माह में जिले में 2,034 लोग हाई बीपी और शुगर से जूझते मिले जबकि इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा अधिक रही।
जिले के सरकारी अस्पतालों के एनसीडी क्लीनिकों में 35 वर्ष से अधिक उम्र का हर चौथा युवा हाइपरटेंशन और डायबिटीज से पीड़ित मिल रहा है। हर माह एनसीडी क्लीनिक में आने वाले मरीजों की जांच कर एक रिपोर्ट तैयार कराई जाती है। बीते माह आई रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को भी सकते में ला दिया। लोगों में हाइपरटेंशन और शुगर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार एक महीने के भीतर जिले में कुल 4,739 लोगों की स्क्रीनिंग की गई जिसमें से अकेले डायबिटीज के 1,061 और हाइपरटेंशन के 973 नए मरीज पाए गए हैं।
चिंताजनक बात यह है कि साइलेंट किलर बन चुकी इन दोनों बीमारियों की 633 मरीज दोहरी माह झेल रहे है वह इन दोनों रोगों से पीड़ित हैं। डायबिटीज के नए मिले 1,061 मरीजों में से 544 महिलाएं और पुरुषों की संख्या 517 है। वहीं, हाइपरटेंशन से पीड़ित कुल 973 नए मरीजों में 515 महिलाएं और 458 पुरुष हैं। दोनों बीमारियों से एक साथ ग्रसित होने वाले 633 मरीजों में भी 317 महिलाओं के साथ 316 पुरुष हैं।
बीमारियों से युवा अधिक हो रहे ग्रसित
जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्रा बताते हैं कि 15 से 20 साल पहले 40 से 50 की उम्र पार करने वाले लोग ही डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित होते थे लेकिन बदलती जीवन शैली के कारण अब 25 से 35 वर्ष का युवा वर्ग भी डायबिटीज व हाइपरटेंशन से ग्रसित हो रहा है। लोग हार्ट फेल्योर, लकवा, ब्रेन हेमरेज और किडनी फेल्योर जैसी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। जीवन शैली में बदलाव व खानपान में सुधार से इससे बचा जा सकता है।
डायबिटीज व हाइपरटेंशन के कारण
डायबिटीज में 10 प्रतिशत लोग जेनेटिक कारणों से ग्रसित पाए जाते हैं। खाने-पीने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक लेने के कारण शरीर में इंसुलिन की कमी होती है और लोग डायबिटीज के शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा स्ट्रेस, तनाव, बदला हुआ लाइफ स्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी न होना, फास्ट फूड और खाने में नमक का ज्यादा इस्तेमाल हाइपरटेंशन का कारण हो सकता है। तनाव के कारण शरीर में काटिजोल और एडनिलीन हार्मोन की मात्रा बढ़ती है, जिस कारण बीपी बढ़ता है।
ऐसे करें बचाव
-नियमित कम से कम एक घंटे व्यायाम।
-मार्निंग वाॅक, साइकिलिंग और पैदल चलना।
-फास्ट फूड का सेवन करने से बचना।
-खाने में नमक की मात्रा न के बराबर लेना।
-तनाव को कम करने के लिए ध्यान लगाए।