हरदोई। फोर्टिफाइड आटा, बेसन और सूजी मिल में मानव स्वास्थ्य के लिए घातक रसायन बड़ी मात्रा में मिला। खाद्य और औषधि विभाग ने पूरी पड़ताल के बाद रसायन और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए है। वहीं घातक रसायन मिलने पर संडीला के औद्योगिक क्षेत्र के फेज-वन की सांवारिया इंडस्टीज प्राइवेट लि. के निदेशक सहित चार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा दी है।
खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग की टीम ने संडीला के औद्यागिक फेस-वन की मेसर्स सांवारिया इंडस्ट्रीज प्रा. लि. पर छह अगस्त को छापेमारी की। वहां पर फैक्टरी के अंदर बेसन, आटा, मैदा और सूजी बनाए जाने का काम होता है, लेकिन वहीं पर प्रति बोरी 51 किलोग्राम वजन की 100 बोरी रसायन भी भंडारित मिला। टीम की जानकारी पर मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपुल वर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुमार चित्रसेन ने टीम के साथ मिल में बिक्री के लिए फोर्टिफाइड बेसन, आटा, मैदा और सूजी भंडारित मिली।
सील पैक बोरियों को खुलवाकर सभी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। टीम ने मिल में मिले करीब 5,100 किलोग्राम सफेद रंग के रसायन को प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुमार चित्रसेन की तरफ से कोतवाली संडीला में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में मेसर्स सांवरिया इंडस्ट्रीज प्रा. लि., फर्म के निदेशक राजू अग्रवाल, बाल कृष्ण अग्रवाल और खाद्य कारोबारी प्रतिनिधि रायबरेली के विद्या निकेतन सत्यनगर काली मंदिर निवासी सर्वेश दुबे को नामजद किया है।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा है कि मिल के पिछले हिस्से में भंडारित गेहूं के पास ही रखे सफेद रसायन के संबंध में कारोबारी प्रतिनिधि सर्वेश दुबे ने इसे कैल्शियम बताया। सर्वेश दुबे ने सफेद रसायन को पशु आहार (विहीट ब्रान) में उपयोग में लाए जाने की जानकारी दी। वहीं यह सफेद रसायन को फोर्टिफाइड आटा, बेसन, मैदा और सूजी में अपमिश्रित किए जाने से मानव स्वास्थ्य के घातक है। बताया कि मिल से लिए गए नूमनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवा दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।