शहर की सड़कों पर चलने वाले लोगों से मोबाइल छीनने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। सड़कों पर निकलने वाले लोगों के हाथ या कान पर लगा फोन बाइकर्स गैंग के लिए छीनना आसान होता है। कई बार पीड़ित घायल भी हो जाता है।
थाने पहुंचने वाले फरियादी से मोबाइल छीनने की शिकायत पर खानापूर्ति की जाती है। इसके चलते बाइकर्स गैंग पर पुलिस के लिए अंकुश लगाना चुनौती बना है। शहर के प्रमुख मार्ग रेलवे रोड, दिल्ली रोड, गढ़ रोड हैं।
इन पर रोजाना मोबाइल छीनने की घटनाएं होती रहती हैं। पाश एरिया रेलवे रोड पर लोग सैर को जाते हैं। इस दौरान फोन पर बात करना उन्हें महंगा पड़ जाता है। लोग मोबाइल लूट से परेशान हो चुके हैं, लेकिन सो रही पुलिस जागने को तैयार नहीं है।
नगर के गोपीपुरा निवासी डा. नितिन गोस्वामी का फ्री गंज रोड पर दंत चिकित्सालय है। मंगलवार रात वह गढ़ रोड पर मंदिर में पूजा करने के लिए आए थे। मंदिर से वापस लौटते समय वह फोन पर बात कर रहे थे।
इसी बीच बाइक सवार दो युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया। इस दौरान उनके मुंह पर नाखून की खरोंच भी आ गईं।
तीन दिन पूर्व आवास विकास कालोनी निवासी सरफराज बाइक पर सवार होकर फ्री गंज रोड पर आया था। तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे मोबाइल लूट लिया। अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
15 दिन पूर्व बाबूगढ़ निवासी नितिन बाइक से हापुड़ से लौट रहा था। जैसे ही वह ततारपुर बाइपास पर पहुंचा तो उसका फोन बजा। उसने बाइक रोकी। बाइक रोककर बात करते समय दो बदमाश वहां पहुंचे। जिसके बाद वह उससे मोबाइल लूटकर ले गए। पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं हुई।
थानों में पहुंचने वाले फरियादी मोबाइल लूट की तहरीर देते हैं तो पुलिस इससे इंकार कर देती है। पुलिस उनसे मोबाइल गुम होने की शिकायत लेती है। जिसके बाद उस पर थाने की मोहर लगाकर कार्रवाई पूर्ण कर लेती है।
जिसके बाद फरियादी को थाने से टरका दिया जाता है। इन मामलों की शिकायत पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचती है, लेकिन पुलिस अंजान बन जाती है। जिसके चलते मोबाइल छीनने की घटनाओं पर एकाएक इजाफा हो रहा है।
एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि मोबाइल लूट का मामला गंभीर है। घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिसकर्मी लगातार गश्त करते हैं।
घटना की सूचना तुरंत दी जाए, तभी बदमाशों को पकड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसी मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है तो फरियादी उनसे सीधे आकर मिल सकता है।