महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने जमकर हंगामा किया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के बाद कार्यकत्रियों ने नगर पालिका के बाहर गढ़ दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने सबझाबुझाकर जाम खुलवाया।
इसके बाद सभी कार्यकत्री नगर पालिका में धरने पर बैठ गई। महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगवाड़ी कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों के लेकर आंदोलन कर रही हैं। बृहस्पतिवार को हड़ताल रखते हुए बड़ी संख्या में कार्यकत्री कलेक्ट्रेट पर जमा हो गयी।
कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। सुनवाई न होती देख सभी कार्यकत्रियों ने दिल्ली गढ़ रोड पर जाम लगा दिया। लगभग आधा घंटा जाम रहने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लाइन लग गईं। सूचना पर पहुंचे कोतवाल यशवीर सिंह ने समझाकर जाम खुलवाया।
इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्री दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंची और एसडीएम अजय श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन सौंपा। एसडीएम के आश्वासन के बाद कार्यकत्रियों ने नगर पालिका स्थित धरना स्थल पर धरना दिया।
जिला सचिव लवकेश त्यागी ने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कर्मचारियों का उत्पीड़न हो रहा है। कर्मचारियों से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार कार्यों के अतिरिक्त केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में काम लिया जाता है। उन्हें बहुत कम मानदेय दिया जाता है। जिससे उन्हें अपने घर का खर्च चलाना मुश्किल होता है।
गढ़ के गांव मानक चौक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री मिथलेश, सुनीता, उर्मिला और सहायिका कविता ने गांव प्रधान सुमन गौतम पर हौसला पोषण योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से शिकायत की है।
आरोप है कि प्रधान हौसला पोषण के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि और सामान को हड़प कर गयी है। जिसके कारण केंद्रों पर इसका वितरण नहीं हो सका। डीएम ने मामले में जांच का आश्वासन दिया है। जबकि ग्राम प्रधान सुमन गौतम ने आरोपों को निराधार बताया है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ियों ने मेन्यू से अलग हटकर सामग्री और बर्तन आदि खरीद लिए थे। जिसकी जानकारी अधिकारियों को भी दी गयी है। अधिकारी जांच करेंगे तो सब कुछ साफ हो जाएगा।