सीओ स्तुति सिंह ने बताया कि 16 दिसंबर की देर शाम पुलिस को योगेश गिरी निवासी मोतीनगर कॉलोनी ने सूचना दी कि मोहल्ला जसरूपनगर में रेखा के मकान में उसके भाई सचिन गिरी पुत्र अवधेश की हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सचिन हलवाई का काम करता था। पुलिस जांच में पता चला कि रेखा अपने मकान में बुलंदशहर जनपद के गांव बहीपुर निवासी असलम उर्फ साजिद के साथ रहती है। रेखा के अनुसार उसने असलम से शादी कर रखी है। लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। घटना के बाद से दोनों फरार हो गए थे। सोमवार को पुलिस ने रेखा और असलम को सीएमओ कार्यालय के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में दोनों सचिन की हत्या करना कुबूल किया। पुलिस के अनुसार रेखा के संबंध सचिन के साथ भी हो गए थे। इस बात की जानकारी असलम को भी थी। जिसका वह विरोध करता था। जिसे लेकर उसका सचिन से कई बार झगड़ा भी हुआ था। जिसके चलते वह उसे रास्ते से हटाना चाहता था। 16 दिसंबर की शाम को रेखा ने सचिन को मिलने के लिए फोन कर घर बुलाया।
पहले तीनों ने बैठकर शराब पी और इसी दौरान हुए विवाद के बाद असलम ने सचिन फावड़े के डंडे से उसे बेरमी से पीटा। सीने और चेहरे पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। जिसके बाद दोनों शव को वहीं पड़ा छोड़ फरार हो गए थे। सचिन को तलाशता हुआ उसका भाई मौके पर पहुंचा और उसे रिक्शा में डालकर अस्पताल ले गया जहां, चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सचिन का मोबाइल, रेखा का मोबाइल और डंडा बरामद कर लिया है। दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
15 साल पहले सतपाल को छोड़ असलम के साथ रहने लगी थी रेखा
पुलिस के अनुसार रेखा का मायका जसरूपनगर में है। कुछ साल पहले हापुड़ के रहने वाले सतपाल से शादी हुई थी लेकिन, उसे कोई संतान नहीं हुई, जिसके बाद उसने उसे छोड़ दिया और उसके बाद वह असलम के संपर्क में आकर उसके साथ रहने लगी। इसी के दौरान उसके संबंध सचिन से हो गए थे और उसका घर आना जाना भी था। सचिन पहले से ही उसका परिचित था।
सचिन के परिजनों में मचा कोहराम
सचिन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। वह अपने पीछे पत्नी पिंकी और दो बच्चों को छोड़ गया है। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। सचिन का परिवार बेहद गरीब है। ऐसे में परिवार के लालन पालन के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है।