जिले में अब जल्द ही बड़े पैमाने पर अंडा उत्पादन की इकाईयां स्थापित कराई जाएंगी। शासन स्तर से पशुपालन विभाग को कुक्कुट विकास योजनांतर्गत 70 लाख रुपये/यूनिट के हिसाब से इकाईयां स्थापित कराने के निर्देश मिले हैं।
योजना का लाभ किसान समूह बनाकर उठा सकते हैं। पांच वर्ष तक बैंक से मिलने वाला ऋण ब्याज मुक्त रहेगा। वर्तमान में जिले में अंडा उत्पादन की बड़ी इकाईयां स्थापित नहीं हैं।
जिलेवासियों को हिसार, हैदराबाद से आने वाले अंडे खाने पड़ते हैं। प्रदेश सरकार ने अंडा उत्पादन बढ़ाने के लिए बीते दिनों 1.80 करोड़ रुपये की लागत से इकाई स्थापित कराने का लक्ष्य पशु पालन विभाग के अफसरों दिया था।
अधिक लागत की योजना के चलते किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे थे। जिले में इस योजना के लिए आवेदन तो किए गए लेकिन कोई आवेदक शर्तें पूरी नहीं कर सका।
मामले की गंभीरता पर अब प्रदेश सरकार ने 70 लाख रुपये की लागत वाली कुक्कुट विकास योजना लागू कर ही है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.वाईपी सिंह का कहना है कि इस योजना के तहत 10 हजार लेयर का पालन किया जायेगा।
एक इकाई को स्थापित करने के लिए किसान को 49 लाख रुपये बैंक से ऋण मिलेगा, जबकि 21 लाख रुपये किसान की मार्जिन मनी रहेगी। उन्होंने बताया कि किसान समूह बनाकर भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के लाभार्थी के नाम एक एकड़ जमीन आवश्यक होनी चाहिए।