गर्मी में हैंडपंप खराब होने पर अब ग्राम प्रधान और सचिव को वर्क आर्डर बनने और अनुमति मिलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि तुरंत मरम्मत करा सकेंगे। मरम्मत के बाद वर्क आर्डर बनाया जाएगा।
शासन के इस आदेश के बाद खराब हैंडपंप जल्द सही हो सकेंगे। गांवों में लगे हैंडपंपों को सही कराने का जिम्मा ग्राम पंचायत का होता है। अगर कोई हैंडपंप खराब होता है तो पुरानी नीति के अनुसार संबंधित अधिकारियों से वर्क आर्डर की स्वीकृत कराना अनिवार्य होता था
और 2500 रुपये की लागत तक से सही कराया जा सकता है। लेकिन शासन ने अब निर्णय लिया है कि पंचायत हैंडपंप खराब होने पर उसे तुरंत सही करा सकती है। वर्क आर्डर बाद में पास कराने की अनुमति दे दी है।
इस व्यवस्था से हैंडपंप खराब होने में ज्यादा दिन नहीं लगेंगे और ग्रामीणों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने आदेश सभी डीपीआरओ को भेज दिए हैं।
उधर, जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर ने बताया कि सभी ग्राम पंचायत सचिवों को आदेशों का अनुपालन किए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं। ताकि भीषण गर्मी में पेयजल के लिए ग्रामीणों को परेशान न होना पड़े।