हापुड़। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए इमरान हत्याकांड के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। पत्नी और उसके कथित प्रेमी के द्वारा पति की हत्या करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों को 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
ग्राम छपकौली निवासी आबिद ने बाबूगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 27 अगस्त 2024 को गांव का ही रहने वाला समीर, इमरान के घर सुबह करीब दस बजे पहुंचा था। दोपहर करीब दो बजे जब इमरान अपने घर लौटा तो उसकी पत्नी रुखसार ने समीर को कमरे में छिपा दिया।
इमरान को पहले से ही अपनी पत्नी और समीर के बीच प्रेम संबंध होने का शक था। जब वह कमरे में गया, तो उसने समीर को देख लिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोप है कि समीर ने इमरान की छाती पर बैठकर उसका मुंह दबा दिया, जबकि रुखसार ने उसके पैर पकड़ लिए। इस दौरान दम घुटने से इमरान की मौत हो गई।
घटना का चश्मदीद इमरान का पुत्र विहान था, जिसने पूरी वारदात अपनी आंखों से देखी। उसने ही परिजनों को बताया कि उसके पिता की हत्या उसकी मां रुखसार और समीर ने मिलकर की है। इस बयान ने मामले को मजबूत आधार दिया।
मामले की सूचना मिलने पर बाबूगढ़ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। यह मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार सिंह (प्रथम) की अदालत में विचाराधीन था।
मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने समीर और रुखसार उर्फ रुखसाना को दोषी ठहराया। न्यायालय ने दोनों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई।