गढ़मुक्तेश्वर। ब्लॉक क्षेत्र के गांव ढाना के जंगल में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी की चपेट में आकर चार किसानों की करीब 22 बीघा गेहूं की फसल जल गई। कटाई के लिए तैयार हो चुकी फसल बर्बाद होने से किसानों में रोष व्याप्त है।
शाम के समय विक्की चौधरी, विकास, सुरेशपाल सिंह और सीमा के खेतों के पास नलकूप के संचालन के लिए लगे ट्रांसफार्मर में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट से चिंगारी उठने लगीं। चिंगारी खेत में पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर गिरी, जिससे फसल ने आग पकड़ ली। सूखी फसल में आग तेजी से फैली। खेतों से आग की लपटें और धुआं उठता देखकर आसपास के किसान और ग्रामीण वहां पहुंच गए। सूचना मिलने पर चारों किसान और उनके परिजन भी मौके पर पहुंचे। जिन्होंने आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी।
कुछ ही देर में आग विकराल हो गई। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। लेकिन, तब तक विक्की चौधरी, सीमा की करीब पांच-पांच बीघा, सुरेशपाल सिंह और विकास की करीब छह-छह बीघा फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी। किसानों का कहना है कि हर साल बिजली के जर्जर और नीचे तार, पुराने, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के कारण तैयार फसल में आग लगने की घटनाएं होती हैं, इसके बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने पीड़ित किसानों को नष्ट हुई फसल का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
एसडीएम श्रीराम सिंह का कहना है कि राजस्व टीम को गांव में भेजकर जांच कराई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।