गंगा का जलस्तर बढ़ना जारी है। इससे खादर क्षेत्र में खलबली मची है। गंगा में उफान आने पर तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। तहसील मुख्यालय में बाढ़ कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी गई है।
कंट्रोल रूम में प्रत्येक दिन अलग अलग अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है, जो 24 घंटा ड्यूटी पर रहेंगे। गंगा जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर पांचों राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है, जिन पर अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी हैं।
जो गंगा के जलस्तर समेत बाढ़ संभावित गांवों से जुड़ी स्थिति की निगरानी कर इसकी रिपोर्ट कंट्रोल रूम को देंगे। इसके अलावा भी लेखपालों समेत राजस्व कर्मियों को खादर से जुड़े बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी कर कंट्रोल रूम को सूचना देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। वहीं खादर से जुड़े ग्रामीणों को भी सावधान रहने का फरमान जारी कर दिया गया है, हालांकि तहसीलदार भगत सिंह का कहना है कि टिहरी और बिजनौर बैराज से 1
.75 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। जो रविवार की दोपहर तक ब्रजघाट गंगा में आ जाएगा।
केंद्रीय जल निगम के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे शनिवार की देर शाम को जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 197.83 मीटर के निशान तक पहुंच चुका है और इसके बाद भी जलस्तर बढ़ना जारी है।
यहां बनी हैं बाढ़ राहत चौकियां
-आलमपुर भगवंतपुर--एदलपुर, प्रसादीपुर, हकीमपुर गांवड़ी, कुतुबपुर, जमालपुर, खानपुर, माकनपुर, सैदपुर, मुकीमपुर, झड़ीना।
-अब्दुल्लापुर--इनायतपुर, कोथला खादर, अब्दुल्लापुर।
-नक्का कुआं गढ़--रामपुर, न्यामतपुर, मुहम्मदपुर, शाकरपुर।
-मीरा रेती गढ़--लठीरा, गढ़ खादर, गड़ावली, नयाबांस, बख्तावरपुर,।
-ब्रजघाट--आलमगीरपुर, चित्तौड़ा मोहिउद्दीनपुर, मुहम्मदपुर खादर, सालाबाद, बागड़पुर, पलवाड़ा, आलमनगर खादर, नवादा खुर्द खादर।