हापुड़। श्री रामलीला मैदान में जिला राजकीय पुस्तकालय के लिए सरकारी जमीन पर कब्जे के लिए पहुंची तहसील व अन्य विभागों के अधिकारियों की टीम को मंगलवार को विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर विरोध करते हुए समिति के कुछ पदाधिकारी जमीन पर लेट गए और अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी की। इस दौरान नोकझोंक भी हुई। करीब ढ़ाई घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों ने बुलडोजर से अवैध अतिक्रमण को हटवाया और पुलिस की मौजूदगी में भूमि पर तारबंदी कराई। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को निर्माण के लिए जमीन सौंपी।
बता दें कि करीब एक हजार वर्ग मीटर भूमि पर जिला राजकीय पुस्तकालय का निर्माण होना है। इसके लिए रामलीला मैदान में जमीन को चिन्हित किया गया था, लेकिन लंबे प्रयास के बाद भी जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। मंगलवार की दोपहर करीब एक बजे नायब तहसीलदार नितिन चौधरी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जमीन पर कब्जे के विरोध में रामलीला समिति के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। श्री रामलीला समिति के प्रधान विनोद वर्मा और महामंत्री उमेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में शहीद मेले का संचालन चल रहा है।
मेले के बीच में इस प्रकार की कार्रवाई गलत है, लेकिन अधिकारियों ने किसी की एक नहीं सुनी और कार्रवाई जारी रखी। इस बात पर हंगामा भी हुआ। वहीं, उमेश अग्रवाल ने डीएम मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। पहले तो टीम मात्र जमीन चिन्हित कर लौट गई थी लेकिन हंगामे के बाद डीएम कविता मीना के आदेश पर टीम पुन: पहुंची और सरकारी भूमि पर कब्जा लिया गया।
वहीं, समिति के संरक्षक अनिल आजाद का कहना है कि यदि प्रशासन जिला राजकीय पुस्तकालय के नाम की घोषणा डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम से करता है तो सबसे पहला पत्थर समिति के पदाधिकारी लगाएंगे। वर्तमान में न्यायालय में एक वाद चल रहा है, इसमें 10 जुलाई को स्टे के लिए तारीख है। इसलिए सुनवाई से पूर्व इस प्रकार की कार्रवाई करना गलत है। उन्होंने कहा कि कुर्रे बंदी के बाद ही जमीन ली जानी चाहिए। इस जमीन पर पुस्तकालय के निर्माण से रामलीला के संचालन में परेशानी आएगी। इसलिए कमेटी की मांग है कि प्रशासन के अधिकारी रामलीला संचालन के सामने वाले ग्राउंड में उतनी ही भूमि ले लें। वहां पर पुस्तकालय का निर्माण करा लें। इससे संचालन भी प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मैदान में हुए अवैध अतिक्रमण और मीट की दुकानों को बंद कराए। शिकायतों के बाद भी इनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो रही है। इस दौरान डीके अग्रवाल, सुयष वशिष्ठ, शुभम गोयल आदि मौजूद रहे।
कोट
करीब एक हजार वर्ग मीटर भूमि से कब्जा हटवाया गया है। कुछ लोगों ने अवैध रूप से दुकानों का निर्माण किया है, जिन्हें हटवाया गया है। मौके पर तारबंदी की गई है। - नितिन चौधरी, नायब तहसीलदार
रामलीला मैदान में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते रामलीला समिति के पदाधिकारी। संवाद