बुधवार को गढ़ क्षेत्र के गांव अक्खापुर में गिरे ओले। स्रोत ग्रामीण
गढ़मुक्तेश्वर/सिंभावली। अप्रैल में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के कई गांवों में बुधवार की दोपहर अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ ओले गिरने लगे। इससे खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों का कहना है कि इस समय फसल पूरी तरह तैयार है और कटाई शुरू होने ही वाली है। ऐसे में बारिश और ओले गिरने से फसल जमीन पर गिर सकती है। इससे पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। कई स्थानों पर तेज हवा के कारण फसल झुक गई है। इससे कटाई में भी परेशानी होगी। किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। यदि मौसम इसी तरह खराब रहा तो फसल को भारी नुकसान होगा और किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
मौसम के अचानक बदले मिजाज से ठंड का भी अहसास हुआ। दिन में तेज हवाएं चलती रहीं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। किसानों का कहना है कि इस समय उन्हें साफ मौसम की जरूरत थी लेकिन बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि फसल का सर्वे कराकर नुकसान का आंकलन किया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति पर अधिक असर न पड़े।
मौसम का बदला मिजाज
अप्रैल में अचानक मौसम बदलने से लोगों को ठंड का एहसास हुआ। तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को भी प्रभावित किया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए।
प्रशासन से राहत की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को राहत पैकेज देकर उनकी आर्थिक मदद की जाए, ताकि नुकसान की भरपाई हो सके।
तहसीलदार राहुल सिंह ने बताया कि बारिश के साथ-साथ कई स्थानों पर ओला गिरने की सूचना भी मिली है। किसानों की फसल को नुकसान हुआ होगा तो जांच कराई जाएगी। शासन के निर्देश अनुसार मुआवजे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।