महमूदपुर अंडरपास मामले में मानकों व तय शर्तों के आधार पर निर्माण नहीं किए जाने का आरोप लगाकर सोमवार को ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एडीएम से मिला। एडीएम ने काम को रोकने का आश्वासन देकर इस मामले में रेलवे के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
उधर, महमूदपुर के प्रधान हरेंद्र सिंह ने मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ग्रामीणों ने बताया कि महमूदपुर अंडरपास गेट नंबर-32सी के लिए 18 जनवरी 2016 को एडीएम ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया था।
जिसमें स्लॉप 1:30 रखा जाना तथा वर्टिकल क्लीयरेंस 5 मीटर रखा जाना निर्देशित था। लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने इन शर्तों का उल्लंघन कर स्लॉप 1:20 व वर्टिकल क्लीयरेंस चार मीटर रखकर इस अंडरपास का निर्माण शुरू करा दिया है। अंडरपास की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर रखी है।
जबकि नवादा स्थित गेट नंबर 34 सी की चौड़ाई सात मीटर व छपरावत स्थित 23 सी की चौड़ाई 8.8 मीटर है। ग्रामीणों की शिकायत पर एडीएम रजनीश राय ने अंडरपास के निर्माण कार्य को रोकने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामले में पहले रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे।
उसके बाद ही कार्य दोबारा शुरू होगा। जबकि ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह ने न्यायालय में अर्जी दाखिल कर मामले के निस्तारण की मांग की हैं। शिकायत करने वालों में पुष्पेंद्र कुमार, धमेंद्र, गजेंद्र सिंह, विरेंद्र, कृपाल सिंह, अमित कुमार शामिल थे।