किसानों का करोड़ो रुपए दबाकर बैठे हैं सुगर मिल
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गन्ना भुगतान के मामले में भूमिगत चल रहे शुगर मिल मालिकों के पासपोर्ट जब्त किए जाएंगे। साथ ही लंदन और युगांडा गए दो मिल मालिकों को भी स्वदेश बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क साधा है।
बता दें कि यूपी में 2017 में विधानसभा चुनाव होना है। इसके चलते अपनी सत्ता बचाए रखने के लिए सपा सरकार ने विकास कार्यों को लेकर सचेत हो गई है। साथ ही गन्ना भुगतान नहंी मिलने से कर्ज में डूबते जा रहे किसानों की नाराजगी दूर करने के लिए भी प्रदेश सरकार प्रयासरत है।
इसके लिए मिलों के चीनी गोदाम सील कर उनके खिलाफ वसूली प्रमाण पत्र जारी करने के साथ ही मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उनकी गिरफ्तारी के लिए हरसंभव कोशिश कराई जा रही है। उधर, मोदी समूह के मालिक लंदन और राणा समूह के मालिक अफ्रीकी देश युगांडा की सैर पर हैं, जबकि सिंभावली समूह के मालिक पुलिस की दबिश के बाद भूमिगत हो गए हैं।
सिंभावली सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव राजीव सेठ का कहना है कि आर्थिक तंगी से घिरे किसानों को पेमेंट दिलाने के लिए शासन स्तर से हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं, लंदन और युगांडा गए मोदी और राणा समूह के चीनी मिल मालिकों की जल्द स्वदेश वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया गया है।
उधर, अंडर ग्राउंड चल रहे मिल मालिक गन्ना विभाग और पुलिस-प्रशासन के शिकंजे से बचने को कहीं विदेश न भाग जाएं? इस लिहाज से शासन उनके पासपोर्ट जब्त कराने की कवायद भी करने में जुटा है।