खतरे के निशान को पार कर चुकी उफनाई गंगा का पानी अब घटने लगा है। जलस्तर घटने से खादर में बसे लोगों के साथ तहसील प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।
पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश, बादल फटने, टिहरी डैम और बिजनौर बैराज से कई लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से ब्रजघाट गंगा रविवार की शाम को खतरे का निशान पार कर तीन सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी, जिससे खादर क्षेत्र में बसे 20 गांवों में दहशत के साथ ही हजारों एकड़ जंगल और उनसे जुड़े कई रास्ते जलमग्न हो गए थे।
कई गांवों में बाहरी छोर की आबादी से जुुड़ीं सड़कें भी पानी से घिर गई थी। इससे तहसील से लेकर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। वहीं बाढ़ संभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचने की हिदायत दी गई थी। सोमवार को गंगा का पानी उतार पर रहा। खतरे के निशान से नीचे पहुंचने पर खादर में बसे लोगों ने राहत की सांस ली।
केंद्रीय जल निगम के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार का कहना है कि 24 घंटों के भीतर ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में 40 सेंटीमीटर की गिरावट आई है, जिससे जलस्तर घटकर 197.96 मीटर के निशान परआ गया है।