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कैंसर से महिला समेत दो की मौत

Thu, 07 Apr 2016 08:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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दो दिन में कैंसर ने ली चार लोगों की जान - फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र में जानलेवा बने कैंसर ने बृहस्पतिवार को एक महिला समेत दो और लोगों की जान ले ली। बहादुरगढ़ क्षेत्र के सलोनी की मंढैया गांव में विद्या (58) की लीवर कैंसर और सिंभावली तहसील के मुक्तेश्वरा गांव में किसान रामकिशन (58) की कैंसर से मौत हो गई।
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दोनों का इलाज मेरठ और दिल्ली में चल रहा था। पिछले दो दिन में हापुड़ और गढ़ क्षेत्र में कैंसर के कारण चार लोग दम तोड़ चुके हैं। गढ़ और सिंभावली तहसील में गंगा में गिर रहे नालों के कारण दर्जनों गांवों का भूजल दूषित होता जा रहा है।

इस पानी के पीने से सैकड़ों कैंसर समेत गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सलोनी की मंढैया गांव में करनसिंह की पत्नी विद्या की लीवर कैंसर और मुक्तेश्वरा गांव में किसान रामकिशन की कैंसर से मौत हो गई।
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बता दें कि बुधवार को भी सलोनी गांव में भाजपा मंडलाध्यक्ष अजयपाल सिंह के छोटे भाई ओमपाल सिंह की मौत हो गई थी। जिससे दो दिन में कैंसर से जिले में चार लोगों जान जा चुकी है।

गढ़ क्षेत्र में कैंसर भयावह रूट धारण कर चुका है। भूजल दूषित होने वाले गांवों में पिछले पांच साल के भीतर 150 से भी अधिक लोग कैंसर से जान गवां चुके हैं। वर्तमान में भी कई ग्रामीण कैंसर और हेपेटाइटिस सी से पीड़ित हैं।

पूर्व प्रधान कालीचरण, राकेश, निरंजन सिंह, अर्जुन, वेदपाल, राजेंद्र सिंह, भगवत सिंह का कहना है कि भूजल बुरी तरह दूषित है। हैंडपंप भी दूषित पानी उगल रहे हैं।

सेहल, भद्स्याना, आलमनगर, चांदनेर, जखैड़ा रहमतपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मुहम्मदपुर, रहरवा, क्रियावली, शकराटीला, भैना, सदरपुर, लहडरा, हशूपुर, वैट, फुलड़ी, दरियापुर, बलवापुर, पूठ, सलोनी आदि शामिल हैं।

भले ही शासन स्तर से देहात में बेहतर चिकित्सा सेवा मुहैया कराने की योजना चलाई हुई है, लेकिन इसके बाद भी दूषित भूजल वाले अधिकांश गांवों में अभी तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी नहीं बना है। ग्रामीणों को लंबा फेर काटकर बहादुरगढ़, सिंभावली और गढ़ के सरकारी अस्पतालों में जाना पड़ता है।
 
हेपेटाइटिस बी और सी से होने वाला कैंसर के लिए दूषित पानी जिम्मेदार नहीं है। गांवों में कैंप लगाकर कैंसर के मरीजों को चिन्हित किया जाएगा। उन्हें उचित इलाज महैया कराया जाएगा। साथ ही गांवों के भूजल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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