सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों से नाखुश रेल कर्मचारियों का 11 जुलाई को प्रस्तावित चक्का जाम स्थगित हो गया है। रेलवे यूनियनों के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री, रेल मंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात कर उनको चक्काजाम वापस लेने का भरोसा दिला दिया है। यूनियन नेताओं को गृहमंत्री ने आश्वासन दिया है कि हाई पावर कमेटी चार महीनों में सभी समस्याओं का समाधान निकाल लेगी।
केंद्र सरकार ने पिछले दिनों सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया था। रेल कर्मचारी इससे नाखुश थे। रेल कर्मचारियों ने विरोध में मशाल जुलूस और शव यात्रा निकालकर 11 जुलाई से रेल का चक्का जाम का एलान किया था। कर्मचारियों के एलान से रेल अफसरों में खलबली मच गई थी।
नार्दन रेलवे मैन्स यूनियन के शाखा सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि एनएफआईआर, एआईआरएफ, एआईडीएफएफ, आईएनडीडब्लूएफ, एनएफपीई, एफएनपीओ आदि यूनियनों के पदाधिकारियों ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रेल मंत्री सुरेश प्रभु और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की है।
गृहमंत्री ने पदाधिकारियों को आश्वासन दिया था कि इस मामले में वह हाई पावर कमेटी बैठा रहे हैं। वह चार महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। ऐसे में कम से कम चार माह तक कोई आंदोलन न किया जाए। गृहमंत्री के आश्वासन पर रेल कर्मचारियों ने चक्का जाम स्थगित कर दिया है।