आखिरकार गढ़ रोड पर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर रेलवे फाटक पूरी तरह से बंद किए जाने का निर्णय प्रशासन, रेलवे और सेतू निगम के अफसरों ने ले लिया। गढ़ रोड फाटक बंद होने से शहरवासियों को दूसरे हिस्से में जाने के लिए तीन किमी लंबा रास्ता तय करना होगा।
हालांकि प्रशासन द्वारा दो वैकल्पिक रास्ते से वाहनों के आवागमन दिए गए हैं। उधर, अफसरों का दावा है कि अंडर ब्रिज निर्माण का काम तेजी से शुरू किया जाएगा। गढ़ रोड रेलवे फाटक पर जिले का पहला चार लेन का ओवरब्रिज बन रहा है। निर्माण कार्य के चलते भारी वाहनों का प्रवेश यहां पहले ही बंद है।
हालांकि हल्के वाहनों को निकलवाया जा रहा था, लेकिन इसके बाद भी आए दिन जाम की स्थिति रहती थी। वहीं हादसा होने का डर बना रहता था। ओवरब्रिज निर्माण के कार्य को लेकर सोमवार को एसडीएम शमशाद हुसैन, रेलवे के निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता एनएस बघेल और सेतू निगम के अफसरों के बीच बैठक हुई।
इसमें निर्णय लिया गया कि बुधवार से गढ़ रोड रेलवे फाटक बंद कर दिया जाएगा। एसडीएम शमशाद हुसैन ने बताया कि बुधवार सुबह फाटक बंद किया जाएगा। तय किए गए दो वैकल्पिक रास्तों से लोग आवागमन कर सकते हैं।
उनका कहना है कि रेलवे और सेतू निगम के अफसरों ने आश्वासन दिया है कि फाटक बंद होने के बाद युद्धस्तर पर काम होगा, ताकि जल्द ओवरब्रिज बन सके।
रेलवे फाटक बंद होने पर दो वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं। गढ़ रोड से वाहन जरौठी, दोयमी रोड होते हुए शहर में आएंगे। जबकि एलएन पब्लिक स्कूल के रास्ते से चैना पुरी होते हुए शहर में आया जा सकता है। जरौठी मार्ग को पीडब्लूडी और चैनीपुरी मार्ग को नगर पालिका के अफसरों ने सही करा दिया है।
गढ़ फाटक बंद होने के कारण कम से कम तीन किमी का लंबा रास्ता लोगों को तय करना पड़ेगा। इस फाटक के बंद होने से सीएचसी, विभिन्न स्कूलों, बैक्वट हाल, लकड़ी की दुकानें आदि जगह जाने वाले शहर के लोगों को दिक्कत होगी।
बाबूगढ़ की ओर से आने वाले लोगों को या तो बाईपास से आना पड़ेगा या फिर इन दोनों वैकल्पिक रास्तों से आना पड़ेगा। एसडीएम शमशाद हुसैन ने बताया कि इस फाटक पर चार लेन ओवर ब्रिज बनाने के साथ ही जल्द ही अंडर ब्रिज निर्माण का काम शुरू होगा, ताकि लोगों को जाम से बचाया सके।