गढ़मुक्तेश्वर। गंगानगरी क्षेत्र में बुधवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी और बारिश के चलते दिन में ही अंधेरा छा गया और बादलों के कारण सूरज दिखाई नहीं दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी लगभग छह घंटे तक बाधित रही।
गढ़ के नक्का कुआं रोड स्थित कोतवाली के पास और न्यायालय परिसर में सौ साल से अधिक पुराने पेड़ तेज आंधी के कारण धराशायी हो गए। अचानक पेड़ गिरने से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। न्यायालय परिसर में अधिवक्ता पवन कंसल समेत अन्य अधिवक्ता और कर्मचारी मौके से भागकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। वहीं, नक्का कुआं रोड पर अस्थायी झोपड़ीनुमा मकानों के पास खड़ा एक पुराना पेड़ भी जड़ से उखड़ गया। पेड़ बिजली के खंभों पर गिरने से करीब चार बिजली पोल क्षतिग्रस्त हो गए। पेड़ के नीचे बसे विनोद और विक्की के मकानों में मौजूद परिजनों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। लोगों का कहना है कि यदि पेड़ मकानों पर गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार पवन कुमार यादव और पालिका ईओ पवित्रा त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया।
तहसीलदार ने बताया कि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आंधी के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से करीब छह घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बिजली विभाग की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद टूटे तारों और खंभों को दुरुस्त कर सप्लाई बहाल की।
बिजली न आने से बढ़ी परेशानी
लगातार कई घंटे बिजली गुल रहने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पानी की सप्लाई प्रभावित रही, जबकि पशु चारे और कंफेक्शनरी कारोबार से जुड़े व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ा। गर्मी और उमस से लोग परेशान दिखाई दिए।
खादर क्षेत्र में भी गिरे कई पेड़
तेज आंधी का असर खादर क्षेत्र में भी देखने को मिला। कई गांवों और संपर्क मार्गों पर पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हो गए। ग्रामीणों ने स्वयं पेड़ों की डालियां हटाकर रास्ता साफ किया, जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका।