गढ़-स्याना रोड के रेलवे फाटक सहित अधर में अटके ओवरब्रिज के आसपास दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे इधर-उधर आने जाने वाले हजारों राहगीरों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं।
फिर भी पुलिस-प्रशासन द्वारा जाम से निजात के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। रविवार को भी राहगीर दिनभर जाम से जूझते रहे।
बता दें कि करीब चार वर्षों से अधर में अटके बदरखा फाटक के रेलवे ओवर ब्रिज पर फिर से काम चालू हो गया है। इससे गढ़-चौपला से नेशनल हाईवे को जाने वाले पुराने दिल्ली रोड का आवागमन पूरी तरह बंद चल रहा है।
इसके चलते वाहनों का सारा दबाव स्याना फाटक पर बढ़ गया है। इससे लगातार आठवें दिन भी जाम का झाम हर किसी को रुला रहा है। दिल्ली-लखनऊ रूट पर 24 घंटों में 80 से भी अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है।
इससे इस दौरान फाटक बंद होते ही दोनों साइडों में वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ट्रेन निकलने के बाद वाहन इधर से उधर भी नहीं निकल पाते हैं कि फिर से फाटक बंद हो जाता है।
इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। गढ़ खादर क्षेत्र और मेरठ रोड स्थित गांवों के क्रय केंद्रों से गन्ना लादकर सिंभावली शुगर मिल को जा रहे वाहनों का आवागमन होने से जाम की स्थिति और भी पेचीदा हो गई।
इससे दोपहिया वाहनों को भी आगे निकलने का रास्ता नहीं मिल सका। वहीं मेरठ के अस्पतालों में मरीज लेकर जा रही कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही।
रेलवे फाटक की दोनों साइडों में जाम जैसी स्थिति बनने से वाहनों की कतार अधर में अटके फ्लाई ओवर तक पहुंच जाती है। इससे दिनभर में कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जब फाटक पर जाम का झाम नेशनल हाईवे की रफ्तार को भी रोक देता है।