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Hapur News: मेडिकल कॉलेज में घुसी पुलिस, एसपी-एएसपी हटाए गए

Wed, 17 Jul 2024 10:18 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़ / लखनऊ। पिलखुवा स्थित रामा मेडिकल काॅलेज में महिला मरीज के बेटे की शिकायत पर भारी पुलिस बल भेज देना एसपी अभिषेक वर्मा और एडिशनल एसपी राजकुमार अग्रवाल को भारी पड़ गया। मंगलवार दोपहर को मरीज और तीमारदारों के हंगामे के बाद एसपी ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए एएसपी को भारी पुलिस बल के साथ मेडिकल काॅलेज में भेज दिया था। बताया गया है कि पुलिस की तैयारी काॅलेज के निदेशक को हिरासत में लेने की थी। इसे अफसरों की मनमानी बताते हुए काॅलेज प्रबंधन ने शासन में शिकायत कर दी।
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बताया गया है कि मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस के आला अफसर तेजी से हरकत में आ गए। डीजीपी प्रशांत कुमार ने एडीजी जोन मेरठ डीके ठाकुर से पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तलब कर ली। वहीं आईजी रेंज नचिकेता झा हापुड़ में ही कैंप करने के लिए कहा। वह मंगलवार रात 11 बजे मेडिकल काॅलेज पहुंचे। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट देने के बाद ही वापस गए।
आईजी के जाने के थोड़ी देर बाद ही पहले एसपी और फिर एएसपी को हटाए जाने का आदेश शासन से जारी कर दिया गया। माना जा रहा है कि आईजी की रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि आईजी की रिपोर्ट से सीएम को अवगत कराया गया। सीएम का रुख देखकर ही शासन ने दोनों अफसरों को रात में ही हटाने का निर्णय लिया। दोनों को प्रतिक्षारत रखा गया है। शासन का रुख देखकर माना जा रहा है कि दोनों को नई तैनाती मिलने के लिए काफी इंतजार करना पड़ सकता है। शासन की नाराजगी का स्तर इससे भी समझा जा सकता है कि मुहर्रम और कांवड़ यात्रा होने के बावजूद शासन ने किसी भी तरह का इंतजार किए बगैर यह कार्रवाई की है। इतना ही नहीं। हटाए गए दोनों अफसरों की जगह रात में ही नई तैनाती कर दी गई। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में उपायुक्त कुंवर ज्ञानंजय सिंह को हापुड़ का नया एसपी और राजकुमार की जगह 49वीं वाहिनी पीएसी में तैनात विनीत भटनागर को हापुड़ में तैनात कर दिया गया। ज्ञानंजय सिंह ने बुधवार की सुबह चार्ज भी ले लिया।
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और भी अफसरों पर गिर सकती है गाज

इस मामले की जांच आईजी मेरठ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अभी कुछ और अफसरों पर गाज गिर सकती है। इसकी वजह यह है कि मामले को अफसरों ने दबाए रखा। मंगलवार दोपहर को ही मेडिकल काॅलेज में हंगामा हुआ था। इसके बाद रात तक आला अफसरों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। थाना और सर्किल के अधिकारी अपने हिसाब से कार्रवाई करते रहे। एसपी ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए थे और एएसपी निर्देश का पालन कर रहे थे। इन दोनों ने आला अफसरों को नहीं बताया। इसलिए, इन पर गाज गिर गई। अन्य अधिकारियों की भूमिका के बारे में भी जांंच की जा रही है। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि थाना और सर्किल के अधिकारियों ने एसपी और एएसपी को क्या रिपोर्ट दी थी। आईजी ने प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी। माना जा रहा है कि जल्द ही पूरी रिपोर्ट भी भेज देंगे। इसी से कार्रवाई तय होगी।


दोपहर को हंगामा, रात में गिरी गाज

मंगलवार को दोपहर दो बजे रामा मेडिकल कॉलेज में भर्ती बिजनौर के चांदपुर निवासी महिला मरीज जुबेदा के पुत्र जावेद ने डायल 112 पर शिकायत की। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन इलाज में लापरवाही बरत रहा है। शिकायत करने पर उनके साथ बदसलूकी की जा रही है। 25 जून को कमर में ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए जुबेदा भर्ती किया गया था और एक जुलाई को उसका ऑपरेशन किया गया था। जावेद का कहना था कि आपरेशन के बाद भी भी घाव से रक्तस्राव नहीं थम रहा था। इसकी शिकायत पर जावेद की अस्पताल स्टॉफ से नोकझोंक हो गई। सूचना के बाद डायल 112 पुलिस यहां पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई। सूचना पर एसपी ने आरोपियों को हिरासत में लेने के लिए एएसपी राजकुमार अग्रवाल समेत भारी पुलिस बल को भेज दिया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और रात में कार्रवाई हो गई।
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