आतिशबाजी से घुल रहा हवा में जहर
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दीपावली के बाद शादियों के सीजन में बढ़-चढ़कर हो रही आतिशबाजी से जिले के हालात और बदतर हो रहे हैं। हालत यह है कि जिले में प्रदूषण का 2.5 पीएम के सामान्य स्तर से साढ़े तीन गुना अधिक है।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आतिशबाजी की बिक्री पर लगाई गई रोक का सही ढंग से पालन नहीं हुआ तो हालात और बदतर हो सकते हैं। वातावरण में घुला प्रदूषण सर्दियों के समय में और घातक हो जाता है।
दीपावली के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में भयावह स्थिति झेलने के बाद क्षेत्र अभी भी प्रदूषण की चपेट में है। आंकड़ों की माने तो सामान्य से साढ़े तीन गुना अधिक प्रदूषण होने की स्थिति में सांस लेना भी दूभर हो रहा है।
ऐसे में जिले में शादियों में लोगों द्वारा जमकर आतिशबाजी इसे और गंभीर बना रही है। जिले में पटाखों की बिक्री के कुल 15 लाइसेंस हैं। ऐसे में इन्हें निरस्त कराने के साथ साथ शादियों में हो रही आतिशबाजी पर सख्ती करने की आवश्यकता है।
इस संबंध में प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता जेबी सिंह ने बताया कि शादियों के इस सीजन में शहर 2.5-पीएम 350 के आसपास है। जो सामान्य से साढ़े तीन गुना है। इसकी रोकथाम के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही प्रशासन से पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।