इकलैड़ी गांव में नलकूपों के बकाया बिजली बिल न देने पर कनेक्शन काटने गए तीन बिजली कर्मियों को भाकियू कार्यकर्ताओं ने बंधक बना लिया। करीब दो घंटे बाद विभागीय अधिकारियों के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने उन्हें बंधकमुक्त किया।
भाकियू के तहसील अध्यक्ष भवेंद्र सिसौदिया ने कहा कि एक तरफ सरकार ने नोटबंदी लागू कर किसानों के सामने पैसे की किल्लत खड़ी कर दी है। वहीं दूसरी तरफ गन्ना मिल से किसानों को उसकी फसल का बकाया नहीं मिला है।
ऐसे में किसान किस तरह बिजली का बिल जमा करें। शोषण करने वालों को किसान मुंहतोड़ जवाब देंगे। किसानों ने इकलैड़ी गांव में नलकूपों के बकाया विद्युत बिल न देने पर कनेक्शन काटने आए बिजली कर्मियों को बंधक बनाकर
विभाग को चेताया है कि जब तक किसानों के पास उनकी फसल का बकाया नहीं आएगा, तब तक किसी भी कीमत पर बिजली बिल जमा नहीं किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने बिजली कर्मियों को छोड़ा।
इस संबंध में अवर अभियंता नीरज गुप्ता ने बताया कि विभागीय आदेश पर विद्युत संविदा कर्मी इकलैड़ी गांव में नलकूप धारकों को बिल पर आई छूट की स्कीम बताने के लिए भेज गए थे। इसी दौरान किसानों ने विद्युतकर्मियों को बंधक बना लिया।
उन्होंने बताया कि इकलैड़ी गांव में बीस नलकूपधारकों पर करीब आठ लाख रुपये का बिल बकाया है। इस दौरान अखिलेश, ओमपाल, आसकरण, राकेश, नरेंद्र व करन सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।