आज के समय में तीन तलाक से जुड़े एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है जिसमें एक विवाहिता का जीवन तीन तलाक का हवाला देकर फिर से बर्बाद कर दिया गया। आश्चर्य की बात ये है कि इस मामले पर वहां की पंचायत ने भी अपना समर्थन किया।
मामला मुरादनगर में ब्याही पिलखुवा की अफसाना का है। अफसाना का कसूर बस ये था कि उसने अपनी कोख से एक बच्ची को जन्म दिया जिससे वह अपने पति और ससुराल वालों की नजरों से गिर गई।
पिलखुवा के शिवाजीनगर निवासी रियाजुल की बेटी अफसाना ने पुलिस अधीक्षक हापुड़ को एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया है कि उसकी शादी मुस्लिम रीति रिवाज से चार वर्ष पूर्व 60 फुटा रोड मस्जिद के पास कस्बा मुरादनगर जिला (गाजियाबाद) निवासी वसीम पुत्र सलीम के साथ हुई थी।
वसीम सेफ बनाने का कारीगर है। अफसाना के पिता ने शादी में अपनी हैसियत के हिसाब से दहेज भी दिया था। लेकिन कुछ समय बाद ही उससे ससुराल पक्ष से एक लाख रुपये की मांग की जाने लगी।
लेकिन परिजनों की हैसियत देखते हुए अफसाना ने रुपए लाने से मना कर दिया। जिसके बाद उसका उत्पीड़न होने लगा। शादी के करीब दो वर्ष बाद अफसाना ने एक बेटी को जन्म दिया उसके बाद से उसका उत्पीड़न और बढ़ गया।
इसकी सूचना अफसाना ने अपने पिता को दी तो वह कुछ लोगों के साथ मुरादनगर पहुंचे। वहां ससुराल पक्ष के लोगों ने भी अपने लोग बुला रखे थे। वार्ता शुरू होने के कुछ देर बाद ही अफसाना के पति ने तीन बार तलाक- तलाक कह दिया। यह सुनकर वह स्तब्ध रह गई।
वहां उपस्थित पंचायत में शामिल पंचों ने भी इसका समर्थन किया और अफसाना को इद्दत में रहने का फरमान सुना दिया। इस संबंध में एक स्टांप पेपर पर भी हस्ताक्षर करा लिए । जिसमें लिखा गया कि इद्दत के बाद उसे मेहर के सवा लाख रुपये मिलेंगे और उसे उसकी बच्ची सौंप दी जायेगी।
अफसाना का आरोप है कि इद्दत पूरी होने पर उसे मेहर की रकम नहीं मिली वहीं उसकी बच्ची की भी बीमारी से मौत का हवाला दिया। अब अफसाना का कहना है कि इस तलाक रूपी सजा ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया है और वह अब रात-दिन अल्लाह से मौत की दुआ करती है।
वह अब न्याय के लिए पुलिस अफसरों के चक्कर लगा रही है। उसने एसपी से गुहार लगाई है कि आवश्यक कार्यवाही कर उसे न्याय दिलाया जाए। एसपी हेमन्त कुटियाल ने थाना प्रभारी निरीक्षक पिलखुवा को इस मामले में सुनवाई कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।