जसरूपनगर के हजारों लोग नगर पालिका की लापरवाही से नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। बीते एक दशक से नगर पालिका क्षेत्र में जो 100 मीटर का नाला पड़ता है, उसकी सफाई तक नहीं हुई है। कालोनी में जलभराव का यह मुख्य कारण है।
बीडीओ के निरीक्षण में इसका खुलासा हुआ है। बीडीओ ने नाले की सफाई के संबंध में नगर पालिका को पत्र लिखा है। उल्लेखनीय है कि जसरूपनगर के बाह्य छोर पर धीरखेड़ा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी भरा हुआ है।
पानी की निकासी का रास्ता साफ नहीं होने से दूषित पानी लोगों के घरों की दहलीज तक पहुंच चुका है। इससे अनेक संक्रमण बीमारियां भी फैल रहीं हैं। बृस्पतिवार को बीडीओ ज्योति बाला ने कालोनी का निरीक्षण किया तो वह भी जलभराव को देख दंग रह गई।
विकास खंड क्षेत्र में जितना नाला आता है, उसमें तो पानी की निकासी कुछ हद तक सही है, लेकिन नगर पालिका क्षेत्र में करीब 100 मीटर का नाला गंदगी से अटा पड़ा है। बीते एक दशक से इस नाले की सफाई तक नहीं हो सकी है,
इसके चलते यहां से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। जिसके चलते जसरूपनगर में जलभराव हो रहा है। मामले की गंभीरता पर बीडीओ ने नगर पालिका से नाले की सफाई के संबंध में पत्राचार कर दिया है।
उनका कहना है कि इस नाले की सफाई से जलभराव की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। ग्राम प्रधान को भी उन्होंने गांव की सीमा में बने नाले को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं।
नगर पालिका अध्यक्षा मालती भारती का कहना है कि जलभराव की समस्या से लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्र में जो नाला है, उसकी जल्द से जल्द सफाई करा दी जाएगी।