मोदीनगर रोड स्थित जसरूपनगर कालोनी में धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का जहरीला पानी लोगों की जान पर भारी पड़ने लगा है। मकानों की दीवारें पानी के कारण दरकने लगी हैं। एक मकान तो जलभराव के कारण टापू बन चुका है।
अनेक बीमारियां फैलने से लोग भयभीत हैं। वहीं शिकायत के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी से लोग परेशान हैं। जसरूपनगर के बाह्य छोर पर करीब 100 मकान बने हुए हैं, इसमें हजारों लोग रहते हैं।
धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला दूषित पानी पूरी कालोनी के बाहर फैल चुका है। आलम यह है कि पानी घरों की दहलीज तक पहुंच चुका है। जहरीले कीटों का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि घरों में आए दिन सांप, बिच्छू निकल रहे हैं।
जलभराव के कारण अब मकानों की दीवारे भी दरकने लगी हैं। बीते दिनों एक मकान की दीवार भरभराकर गिर पड़ी थी। हालांकि, उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था, इससे कोई अनहोनी नहीं हुई।
मुख्य बात यह है कि जल्द प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो दरकती दीवारें लोगों पर कहर बरपा सकती हैं। वहीं, एसडीएम मीनू राणा ने बताया कि मौके पर टीम भेजकर स्थिति की जांच कराई जाएगी। चुनाव के बाद लोगों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।