कब्रिस्तान भूमि को लेकर चल रहा विवाद थमने के बाद भी कंठी माता स्थल को लेकर गतिरोध बरकरार है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को जेल भेज दिया है। पुलिस ने इस मामले में सात को नामजद कर डेढ़ सौ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव गंदूनंगला में कंठी माता स्थल को लेकर चल रहा गतिरोध दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। जमीन की पैमाइश होने के बाद भी लोग संतुष्ट नहीं हैं। इसके बाद हल्का लेखपाल प्रमोद की तहरीर पर पुलिस ने
सात लोगों को नामजद करते हुए डेढ़ सौ अज्ञात के खिलाफ लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ आरके शर्मा का कहना है कि आरोपियों में से देवेंद्र, गुड्डू और गंगाराम को जेल भेज दिया गया है।
कंठी माता का मूल स्थल बदलने को लेकर बहुसंख्यक वर्ग के लोगों में नाराजगी है। इसके चलते गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक स्तर से कंठी माता स्थल समेत कब्रिस्तान के पास पुलिस और पीएसी तैनात की हुई है।
गांव के मुख्य स्थानों समेत मिलीजुली आबादी में भी पुलिस और पीएसी तैनात है। एएसपी आरएन यादव ने मौका मुआयना किया। उन्होंने दोनों पक्षों के लोगों से अमनचैन और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
वहीं भाकियू राष्ट्रीय सचिव सतवीर सिंह, जिला प्रभारी सतवीर चौहान, भाजपा नेत्री ठाकुर शिखा सिंह चौहान, मंडलाध्यक्ष यंगपाल चौहान, जिला संयोजक इंद्रपाल सिंह, जोगेंद्र चौधरी ने गांव गंदूनंगला पहुंचकर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
एसडीएम आरएन पांडेय का कहना है कि पैमाइश होने पर कब्रिस्तान की भूमि पूरी निकली है, लेकिन जहां कंठी माता स्थल बनाया गया है वह सरकारी रास्ते की भूमि है। उस पर किसी दशा में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
परमीशन के बिना अब किसी भी धर्मस्थल का निर्माण करा पाना संभव नहीं है। हालांकि भाजपा नेत्री ठाकुर शिखा सिंह चौहान ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि भले ही उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत तक जाना पड़े, लेकिन परमीशन लेकर कंठी माता स्थल पर ही मंदिर का निर्माण कराकर दम लेंगी।