धौलाना। वेतन विसंगति, अतिरिक्त पटल समेत अन्य आठ मांगों को लेकर आंदोलनरत लेखपालों ने तीन अक्टूबर को होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार की घोषणा की है, जिससे किसानों और ग्रामीणों से जुड़े लंबित राजस्व कार्यों को प्रभावित होंगे ।
भाकियू टिकैत मंडल महामंत्री भवेन्द्र सिसौदिया का कहना है कि लेखपालों ने पहले से ही अतिरिक्त सर्किल का काम छोड़ दिया है। जिसका असर आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के सत्यापन से लेकर जमीन की नाप-जोख और अन्य राजस्व कार्यों पर पड़ रहा है।राजस्व संबंधी छोटे-छोटे कामों के ग्रामीणों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं । हिंडालपुर से तहसील में आए किसान पृथ्वी सिंह ने बताया कि 1978 से 2023 तक चले वाद में उनके पक्ष में निर्णय आया लेकिन शिकायत कर्ता लगातार राजस्व विभाग को परेशान कर रहा है।
लेखपाल संघ अध्यक्ष निर्देश पाल ने बताया कि आठ सूत्रीय मांगों को लेकर संघ लम्बे समय से संघर्ष कर अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार की अनदेखी के चलते लेखपाल परेशान हैं। संघ के आह्वान पर शनिवार को आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस बहिष्कार की घोषणा की गई है। इस संबंध में एसडीएम ऋषि राव ने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था की गई है , आवेदकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा